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प्रशासन बेखबर सामान्य दिनों की तरह लोग करते रहते है ख़रीददारी!

July 25, 2020

बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] प्रदेश में एक ही दिन में 426 लोग संक्रमित पाए गए। ऐसा पहली बार हुआ जब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 400 के भी पार चला गया, लेकिन आम लोगों को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे उन्हें इसकी कोई परवाह ही नहीं है। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख कर शासन ने एक बार फिर से पूर्ण लॉकडाउन लगाया है। बिलासपुर में भी 31 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन है। इस दौरान अति आवश्यक सेवाओं की दुकानें 12 बजे तक खुल रही है लेकिन यह नियम केवल कागजों में ही सिमट कर रह गया है। हकीकत कुछ और ही है।
प्रशासन ने भी कहा था कि यह लॉक डाउन सीमित दिनों के लिए है इसलिए बेवजह की अधिक खरीदारी करने लोग घर से ना निकले लेकिन लोग उनकी बातें अनसुनी कर बाजारों में भीड़ बढ़ा रहे हैं। शनिवार को भी बृहस्पति बाजार में भारी भीड़ नजर आई। हैरानी उस वक्त हुई जब 12 बजे के बाद भी सब कुछ यहां सामान्य गति से चलता रहा। दुकान खुली रही। लोग भीड़ लगा कर सब्जियां खरीदते रहे।

रास्ते में भी बेरोकटोक लोगों की आवाजाही जारी रही। अगर प्रशासन ने यह उम्मीद पाल रखा है कि इस लॉक डाउन से कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सकेगा तो यह उनकी भूल है। क्योंकि अधिकांश लोगों को इससे कोई सरोकार नहीं। लोग आम दिनों की तरह बाजारों में भीड़ बढ़ा रहे हैं। इस दौरान बृहस्पति बाजार में ना तो पुलिस और न हीं निगम प्रशासन की ओर से ही कोई नजर आया जो समय पर बाजार बंद करवाता। कमोबेश यही हाल अन्य बाजारों का भी है, जहां भारी भीड़ लग रही है।
कुल मिलाकर लॉकडाउन के नाम पर जिन दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है वही नियमों का उल्लंघन हो रहे है। दरअसल हर बात के लिए प्रशासन और पुलिस पर निर्भरता खत्म करनी होगी। कोरोना से निपटने के लिए आम लोगों में भी जागरूकता की आवश्यकता है जो फिलहाल दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ रही। बृहस्पति बाजार में तो हर दिन ऐसे ही नजारे रहते हैं। नियमानुसार 12:00 बजे बाजार को बंद हो जाना चाहिए लेकिन बाजार करीब और 1 घंटे तक इसी तरह से गुलजार रहता है।

One thought on “लॉक डाउन का हो रहा खुलकर उल्लंघन,12 बजे के बाद भी खुला रहता है बृहस्पति बाजार”
  1. बिल्कुल सही कहा आपने भैय्याजी लापरवाही की भी हद हो गई है । बेवजह लोग बाजार आ रहे हैं कोई सब्जी के बहाने कोई दो बट्टी साबुन के लिए कोई एक किलो चावल के लिए जो कि उन्हे मोहल्ले में भी मिल सकता है ।
    गुडाखू गुटका जैसे नशे के लिए भी लोग बाज़ारों में भटकते देखे जा सकते हैं ।
    पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे छोटी मोटी और बेवजह की चीजों के लिए भीड़ में निकलने वालो पर सख्त कार्यवाही करे ।

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