1298 विद्यार्थियों ने सीखा साइबर सुरक्षा का मंत्र लोरमी के 7 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने लिया साइबर जागरूकता अभियान में हिस्सा 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी…
मुंगेली-{जनहित न्यूज़}
लोरमी/मुंगेली डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच मुंगेली पुलिस ने युवाओं और आमजन को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को एक नया विस्तार दिया। मंगलवार को मानस भवन लोरमी में आयोजित विशेष साइबर जागरूकता कार्यशाला में लोरमी क्षेत्र के 7 प्रमुख विद्यालयों के 1298 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के जरूरी गुर बताए और साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया।

मोबाइल और इंटरनेट सुविधा भी, जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एसएसपी भोजराम पटेल ने कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन डिजिटल सुविधा के साथ सावधानी और जिम्मेदारी भी जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही किसी व्यक्ति को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी में भी डाल सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर आने वाले संदिग्ध लिंक, फर्जी लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब और आकर्षक ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आने से भी बचना चाहिए।
सोशल मीडिया पर सावधानी, निजी जानकारी की सुरक्षा जरूरी:-
कार्यशाला में सोशल मीडिया सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे अपनी निजी जानकारी, तस्वीरें और लोकेशन अनजान लोगों के साथ साझा न करें तथा सोशल मीडिया अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करें।

एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद चुप रहना समस्या को बढ़ा सकता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही नजदीकी थाना अथवा साइबर सेल को भी सूचना देने की अपील की गई।
बच्चों ने बेझिझक पूछे सवाल, एसएसपी ने दिए सरल जवाब
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, सोशल मीडिया, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सवाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखे। एसएसपी ने बच्चों की जिज्ञासाओं का सरल और व्यावहारिक तरीके से समाधान किया। इससे विद्यार्थियों में साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा।




‘मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं’ सेल्फी से दिया संदेश:-
कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए सेल्फी स्टैंड पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुलिसकर्मियों ने ‘मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं’ संदेश के साथ सेल्फी लेकर साइबर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्कूली बच्चों, शिक्षकों और पुलिस स्टाफ को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
अब गांव-गांव पहुंचेगा साइबर जागरूकता का संदेश:-
मुंगेली पुलिस ने अभियान को केवल स्कूलों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की भी पहल की। कार्यक्रम में ग्राम कोटवारों को ‘साइबर जागृति अभियान’ के बैनर, पोस्टर और पाम्पलेट उपलब्ध कराए गए, जिन्हें गांव-गांव चस्पा और वितरित कर आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
7 स्कूलों की सक्रिय भागीदारी:-
कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद स्कूल लोरमी, सरस्वती शिशु मंदिर, मां भारती स्कूल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, महाराणा प्रताप स्कूल, डीएससी स्कूल और न्यू जनरेशन स्कूल के कुल 1298 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

मुंगेली पुलिस के अनुसार जिले के सभी थाना क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर ‘साइबर जागृति अभियान’ लगातार जारी रहेगा, ताकि डिजिटल युग में अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधों के प्रति सजग और सुरक्षित बन सकें।
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार शांतनु तारम, श्री एम. कौशिक, पंचायत इंस्पेक्टर रामकुमार पात्रे, प्रभारी उपनिरीक्षक नवनीत, नवीन जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक मधुकर रात्रे, बबीता श्रीवास सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम कोटवार तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

