SSP भोजराम पटेल की सटीक रणनीति से नवलपुर दोहरे हत्याकांड का हुआ पर्दाफाश…!
मुंगेली-[जनहित न्यूज़]
मुंगेली-लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में दंपति की सनसनीखेज दोहरी हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। करीब 50 वर्षीय नंदकुमार कश्यप और उनकी पत्नी गौरीबाई कश्यप की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके ही सगे भाई नंदु कश्यप ने की थी। पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और रंजिश ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी नंदु कश्यप ने लोहे की कुदरी से दोनों की हत्या करने के बाद घटनास्थल को सामान्य दिखाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस की बारीकी से की गई जांच, पारिवारिक विवाद की कड़ियों और साइबर सेल की मदद से अंधेकत्ल का यह राज खुला। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे की कुदरी बरामद कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फोन बंद हुआ तो खुला मौत का राज:-
ग्राम नवलपुर निवासी मोहन कश्यप ने 25 अगस्त को लोरमी थाने में सूचना दी थी कि उसके पिता नंदकुमार कश्यप और मां गौरीबाई कश्यप गांव में रहते थे। 18 अगस्त की रात करीब 8.30 बजे उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज खत्म हो जाने के कारण संपर्क नहीं हो पाया। 23 अगस्त को रिचार्ज कराने के बाद लगातार फोन करने के बावजूद माता-पिता से बात नहीं हुई।

संदेह बढ़ने पर 24 अगस्त को मोहन ने अपने चाचा नंदु कश्यप से घर जाकर देखने को कहा। नंदु ने घर में ताला लगे होने की जानकारी दी। इसके बाद मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर के बाहर ताला लगा था, जबकि अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर जाने पर नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग स्थानों पर मृत मिले। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम ने खोला हत्या का राज:-
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर पुलिस ने जांच तेज की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन तथा डीएसपी लोरमी माधुरी धिरही और डीएसपी हरविन्दर सिंह के नेतृत्व में थाना लोरमी पुलिस एवं साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होने की पुष्टि होने के बाद थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 365/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
8 एकड़ पैतृक जमीन बनी खूनी विवाद की जड़
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की पड़ताल की। गांव के लोगों, पड़ोसियों और संभावित संदेहियों से पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस को दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे पैतृक जमीन के विवाद की अहम जानकारी मिली।
पूछताछ में सामने आया कि पिता की करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन में दोनों भाइयों के हिस्से में 3-3 एकड़ जमीन आई थी, जबकि एक एकड़ बहन के नाम और करीब 50 डिसमिल जमीन पिता के पास थी। माता-पिता की देखरेख करने के कारण यह 50 डिसमिल जमीन नंदु कश्यप को मिलने की बात थी। लेकिन नंदकुमार द्वारा इसमें आधा हिस्सा मांगने के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद गहरा गया और नंदु के मन में अपने भाई के प्रति रंजिश बढ़ती गई।
हत्या से दो दिन पहले भी हुआ था बड़ा विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 16 अगस्त को खेत में खाद डालने और मुंही पार बांधने को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था। नंदकुमार द्वारा मुंही पार फोड़ दिए जाने से खाद पानी के साथ बह गया था। इस घटना ने दोनों के बीच पहले से चल रहे विवाद को और भड़का दिया।

इसके अगले दिन 17 अगस्त की रात करीब 8.15 बजे नंदु अपने भाई नंदकुमार के घर पहुंचा था। दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप वहां पहुंच गया, जिसके बाद नंदु वापस लौट गया। पुलिस के अनुसार, इसी घटना के बाद आरोपी के मन में अपने भाई के प्रति आक्रोश और बढ़ गया।
छत के रास्ते घर में घुसा, कुदरी से किया हमला:-
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त की दरम्यानी रात नंदु कश्यप अपने भाई की हत्या के इरादे से लोहे की कुदरी लेकर उसके घर पहुंचा। वह पड़ोसी की बाड़ी की ओर से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ।
सीढ़ियों से नीचे उतरने पर उसने नंदकुमार और गौरीबाई को बरामदे में अलग-अलग स्थान पर सोते देखा। आरोपी ने पहले नंदकुमार पर लोहे की कुदरी से हमला किया। आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि दोनों की मौत हो चुकी है। इसके बाद उसने घर के कमरे और अलमारी खोलकर घटनास्थल को चोरी की घटना जैसा दिखाने की कोशिश की।
हाथ-पैर और कुदरी धोई, घर में ताला लगाया और फरार वारदात के बाद आरोपी ने घर के आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और घटना में प्रयुक्त कुदरी धोई। इसके बाद मकान में बाहर से ताला लगाया और वहां से निकल गया। वारदात में इस्तेमाल कुदरी को उसने ट्यूबवेल में छिपा दिया था।
पुलिस ने पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नंदु कश्यप, पिता स्व. श्यामजी, उम्र 46 वर्ष, निवासी नवलपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने जमीन विवाद को लेकर हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर ट्यूबवेल से वारदात में प्रयुक्त लोहे की कुदरी बरामद कर जब्त की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को 1 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
SSP भोजराम पटेल की सटीक कार्यदक्षता से खुला अंधेकत्ल:-
नवलपुर दोहरे हत्याकांड में पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वारदात के बाद घर में ताला लगा मिला था और प्रारंभिक तौर पर कोई स्पष्ट बाहरी सुराग सामने नहीं था। ऐसे में पुलिस ने घटना को केवल मौके के साक्ष्यों तक सीमित न रखते हुए मृतकों के पारिवारिक संबंधों, पुराने विवादों और घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई।
SSP भोजराम पटेल के निर्देश में पुलिस टीम ने बेसिक पुलिसिंग, वैज्ञानिक साक्ष्य और साइबर सेल की तकनीकी जांच को एक साथ जोड़ते हुए उस कड़ी को पकड़ा, जो सीधे आरोपी तक पहुंची। जमीन विवाद की पुरानी रंजिश, हत्या से पहले हुआ विवाद, घटना की परिस्थितियां और आरोपी के बयानों से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस ने इस अंधेकत्ल का पर्दाफाश कर दिया।
इनकी रही अहम भूमिका:-
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लोरमी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी, प्र.आर. नरेश यादव, दयाल गवास्कर, यशवंत डाहिरे, नोखे लाल कुर्रे, रवि जांगड़े, आरक्षक भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह ठाकुर, अतुल ठाकुर, राहुल कांत कश्यप, गिरीराज सिंह, राम कश्यप, राजू साहू, दिलेश्वर साहू एवं सै. कुलदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

