लोफन्दी से रानीगांव तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब, फूलों रंगोली और जसगीतों से हुआ भव्य स्वागत लक्षनपुर में 10 लाख के विकास कार्य का लोकार्पण अंतिम दिन रतनपुर में होगा पावन ध्वजा अर्पण…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] माँ महामाया के प्रति अटूट आस्था, सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर निकली बेलतरा की सात दिवसीय भव्य ध्वजा यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गई है। विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकली इस यात्रा के छठवें दिन लोफन्दी से लक्षनपुर, गोंदईया होते हुए रानीगांव तक श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला।

कहीं पुष्पवर्षा और फूलों से सजी राहों ने स्वागत किया, तो कहीं रंगोली, पारंपरिक अल्पना और जसगीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रानीगांव में सचिन तिवारी एवं उनकी टीम के जगराते ने देर रात तक श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर रखा।

अब शनिवार को यात्रा के सातवें एवं अंतिम दिन रानीगांव से प्रस्थान कर श्रद्धालु रतनपुर स्थित माँ महामाया के दरबार पहुँचेंगे। यहाँ विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ पावन ध्वजा अर्पित की जाएगी। इसी के साथ सात दिनों तक गाँव-गाँव में आस्था की अलख जगाने वाली इस भव्य धार्मिक यात्रा का समापन होगा।
लोफन्दी में पुष्पों से सजी राह, मातृशक्ति ने किया आत्मीय स्वागत-:

ध्वजा यात्रा के लोफन्दी पहुँचने पर सरपंच अयोध्या देवांगन के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया। ग्राम की महिलाओं ने माता के रथ के आगे फूल बिछाकर अपनी आस्था अर्पित की। पुष्पों से सजी राह, गूँजते जयकारे और ग्रामीणों के आत्मीय अभिनंदन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन की धार्मिक गरिमा को और बढ़ाया।
लक्षनपुर में ₹10 लाख के विकास कार्य का लोकार्पण-:

धार्मिक यात्रा के साथ विकास और जनसेवा का संदेश भी देखने को मिला। लक्षनपुर में विधायक सुशांत शुक्ला ने विधायक निधि से ₹10 लाख की लागत से बसीन पाट में निर्मित बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण किया। इस दौरान ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। यात्रा के इस पड़ाव ने आस्था के साथ क्षेत्रीय विकास और जनहित के कार्यों को भी प्रमुखता से सामने रखा।
गोंदईया में रंगोली और जसगीतों से सजा भक्तिमय माहौल-:

गोंदईया में ध्वजा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। ग्राम की महिलाओं ने घरों के सामने आकर्षक रंगोली और पारंपरिक अल्पना बनाकर माँ महामाया के आगमन का अभिनंदन किया। जसगीतों की मधुर धुन पर महिलाएँ और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। गाँव की गलियों में सजी रंगोलियाँ और गूँजते माता के जयकारे इस बात की गवाही दे रहे थे कि ध्वजा यात्रा अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक आस्था का उत्सव बन चुकी है।
रानीगांव में जगराते ने बाँधा समां, देर रात तक गूँजे माता के जयकारे-:

छठवें दिन की यात्रा का समापन रानीगांव में रात्रि विश्राम के साथ हुआ। यहाँ सचिन तिवारी एवं उनकी टीम ने माता के जगराते की प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों और माता के जयकारों से पूरा गाँव भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालु देर रात तक माता की आराधना में लीन रहे। जगराते की प्रस्तुतियों ने यात्रा के छठवें दिन को यादगार बना दिया और अंतिम दिन के लिए श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया।
अंतिम दिन रानीगांव से रतनपुर तक निकलेगी यात्रा, माँ महामाया को अर्पित होगी ध्वजा
सात दिवसीय ध्वजा यात्रा का अंतिम दिन विशेष धार्मिक उत्साह के बीच संपन्न होगा।

शनिवार को यात्रा रानीगांव से प्रारंभ होकर मदनपुर और सिंघरी चौक होते हुए भैरव बाबा मंदिर तथा सिद्धि विनायक मंदिर पहुँचेगी। इसके बाद श्रद्धालु रतनपुर स्थित माँ महामाया मंदिर प्रांगण में विधि-विधान के साथ पावन ध्वजा अर्पित करेंगे। माता के जयकारों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच ध्वजा अर्पण के साथ इस भव्य धार्मिक आयोजन का समापन होगा।
48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरी यात्रा बनी जनआस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक
विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की लगभग 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरी यह ध्वजा यात्रा अपने पीछे भक्ति, एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश छोड़ रही है। गाँव-गाँव में ग्रामीणों, मातृशक्ति, युवाओं और धर्मप्रेमियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इसे व्यापक जनसमर्थन वाला धार्मिक आयोजन बना दिया है।

इस यात्रा के माध्यम से माँ महामाया के प्रति श्रद्धा के साथ सनातन संस्कृति की परंपराओं, सामाजिक समरसता, जनएकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी जन-जन तक पहुँचा। जगह-जगह हुए स्वागत, सामूहिक सहभागिता और भक्तिमय आयोजनों ने बेलतरा क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का अनूठा वातावरण निर्मित किया।

सात दिनों तक गाँव-गाँव में गूँजा माँ महामाया का जयकारा, अब रतनपुर में पावन ध्वजा अर्पण के साथ पूर्ण होगी श्रद्धा, साधना और सनातन गौरव की यह भव्य यात्रा।


