अजंता हाउस बना बेस्ट गरबा टीम…
अर्पिता यादव को गरबा क्वीन और यश को गरबा किंग का मिला खिताब…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में नवरात्रि के पावन अवसर पर गरबा एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भक्ति, भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। नन्हे विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं जसगीत, श्लोक, नृत्य, महिषासुर मर्दिनी नाटक और गरबा की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बिलासपुर कांग्रेस कमेटी के सचिव स्वप्निल शुक्ला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, राजा साहब न्यूज के नीरज मखीजा तथा एक्सप्रेस न्यूज के मनोज राज के साथ ही जनहित न्यूज से उमेश सिंह उपस्थित रहे। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती निवेदिता सरकार, उपप्राचार्य श्रीमती तपोषी सरकार और कोरियोग्राफर श्री मनीष विश्वकर्मा सहित अतिथियों ने सर्वप्रथम मां दुर्गा के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात मां की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

नन्हे बच्चों ने जीवंत किए मां दुर्गा के नौ स्वरूप
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नर्सरी से कक्षा पहली तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के नौ रूपों की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की।

बच्चों की सहज अभिव्यक्ति, सुंदर वेशभूषा और भक्तिभाव ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। श्लोक, गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ महिषासुर मर्दिनी नाटक का मंचन भी किया गया, जिसने मां दुर्गा की शक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।

विद्यार्थियों ने मधुर जसगीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्य अतिथि स्वप्निल शुक्ला ने भी मधुर जसगीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति को खूब सराहना मिली।
संस्कृति और परंपरा को जीवंत रख रहा ड्रीमलैंड स्कूल-:
मुख्य अतिथि स्वप्निल शुक्ला ने अपने आशीर्वचन में कहा कि ड्रीमलैंड स्कूल प्राचीन भारतीय परंपराओं और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को जानने-समझने का अवसर मिलता है। शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने कहा कि ड्रीमलैंड स्कूल के विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को इन आयोजनों के माध्यम से सजीव रूप में देखने का अवसर मिलता है। बच्चों की प्रस्तुतियां उनकी कला, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को दर्शाती हैं।
धुनुची डांस में दिखा भक्ति और तालमेल का अद्भुत संगम-:
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मां दुर्गा के समक्ष प्रस्तुत किया गया धुनुची नृत्य रहा। शिक्षिका दीपाली विश्वास और शिवांश खंडेलवाल ने पूरे तालमेल, ऊर्जा और भक्तिभाव के साथ धुनुची डांस प्रस्तुत किया। उनकी भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद विद्यालय के चारों हाउस
अजंता, एलोरा, नालंदा और तक्षशिला के विद्यार्थियों ने गरबा की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
पारंपरिक वेशभूषा, संगीत की लय, कदमों का तालमेल और विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। प्रत्येक टीम ने अपनी प्रस्तुति में मेहनत, अनुशासन और सामूहिक समन्वय का परिचय दिया। पूरा परिसर गरबा की थाप और मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा।
अजंता हाउस को बेस्ट गरबा टीम का पुरस्कार
गरबा प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। अजंता हाउस को बेस्ट गरबा टीम का पुरस्कार मिला। वहीं, उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्पित यादव को गरबा क्वीन और यश को गरबा किंग के खिताब से सम्मानित किया गया।
सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा का पुरस्कार शिक्षिका हीरा मेहरा को मिला, जबकि गरबा नृत्य में उत्कृष्ट प्रशिक्षण और प्रस्तुति के लिए शिक्षिका डॉ. ऋतु उपाध्याय को बेस्ट गरबा डांस टीचर का पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी टीमों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। विद्यार्थियों के जोश, सामूहिक प्रयास और अनुशासित प्रस्तुति ने प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।
अनुशासन और टीमवर्क ने बढ़ाई कार्यक्रम की भव्यता-:

गरबा कार्यक्रम का निर्देशन एवं मार्गदर्शन अमोस सर और पुष्पा बैगूर ने किया। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों के अनुशासन, आपसी तालमेल और समर्पण के कारण पूरा आयोजन व्यवस्थित एवं मनोरंजक रहा।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती निवेदिता सरकार ने तक्षशिला हाउस के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों को उनके उत्साह, शानदार प्रदर्शन तथा कठोर अनुशासन के लिए बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा और टीम भावना की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को स्वल्पाहार वितरित किया गया। इसके साथ ही गरबा एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का समापन हुआ। आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

