IDFC फर्स्ट बैंक और SBI के खातों से ठगी की रकम इधर-उधर करने का आरोप… आपराधिक षड्यंत्र में शामिल नारायण साहू गिरफ्तार अन्य आरोपियों की तलाश जारी…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद सरकंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर आपराधिक षड्यंत्र रचता था और विभिन्न प्रलोभनों के जरिए लोगों के बैंक खातों से उनकी सहमति के बिना रकम का आहरण एवं अंतरण करता था। ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए दो बैंकों में संचालित खातों के इस्तेमाल का भी खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
दो बैंकों के खातों से जुड़ा ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार साहू बिल्डिंग सप्लाईर के नाम से संचालित IDFC FIRST BANK और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध एवं ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। इस पूरे मामले में आरोपी की भूमिका और उसके साथियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
कोनी क्षेत्र का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान नारायण साहू (33 वर्ष), पिता तुलाराम साहू, निवासी तेंदूपत्ता गोदाम के पास, गतौरी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है।
बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 317(5), 318(4), 323 एवं 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस अब इस कथित साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश करने के साथ ही मामले में साक्ष्य जुटा रही है। जांच का उद्देश्य बैंक खातों के जरिए हुए संदिग्ध लेन-देन और पूरे षड्यंत्र में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर बैंक खातों के दुरुपयोग के गंभीर खतरे को उजागर किया है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

