परिजनों ने डॉ. विजय कुमार और उनकी पूरी टीम की मुख्त कंठ से की सराहना जताया आभार…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर के श्री विजय वंदना हॉस्पिटल ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। अस्पताल के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. विजय कुमार ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ दो अत्यंत जटिल और जोखिमपूर्ण न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर मरीजों को नया जीवन प्रदान किया है। यह उपलब्धि अस्पताल की सफलता की पुस्तक में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने योग्य मानी जा रही है।


पहला मामला विष्णु नगर, कुदुदंड निवासी 55 वर्षीय लल्लू यादव का था, जो करीब एक माह पूर्व गर्दन में असहनीय दर्द और दोनों हाथों में लगातार बढ़ती कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। विस्तृत जांच में पता चला कि वे बेसिलर इनवैजिनेशन जैसी रीढ़ की हड्डी की अत्यंत दुर्लभ और गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इस स्थिति में गर्दन की ऊपरी हड्डी (ओडोन्टॉइड प्रोसेस) खोपड़ी की ओर असामान्य रूप से ऊपर खिसक जाती है, जिससे स्पाइनल कॉर्ड पर गंभीर दबाव पड़ता है। चिकित्सकों के अनुसार यदि समय पर उपचार नहीं होता तो मरीज के चारों हाथ-पैरों में स्थायी लकवा होने की पूरी आशंका थी।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए 17 जुलाई को डॉ. विजय कुमार ने अपनी टीम के साथ सी-2 ऑक्सिपिटल एवं फोरामेन मैग्नम डीकम्प्रेशन जैसी उच्च स्तरीय और अत्यंत जटिल स्पाइन सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की। ऑपरेशन के बाद विशेषज्ञ निगरानी और व्यवस्थित देखभाल के चलते मरीज की पीड़ा पूरी तरह समाप्त हो गई तथा स्वस्थ होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लल्लू यादव एवं उनके परिवार ने डॉ. विजय कुमार और पूरी चिकित्सकीय टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।


दूसरा चुनौतीपूर्ण मामला मुंगेली जिले के ग्राम डोडा निवासी श्रीमती सुरेखा का था, जिनका पिछले एक माह से मस्तिष्क संबंधी समस्या का उपचार चल रहा था। जांच में उनके मस्तिष्क में ट्यूमर पाया गया, जो दिमाग की सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी रक्तवाहिनी से पूरी तरह चिपका हुआ था। चिकित्सकों के अनुसार यह ऑपरेशन अत्यंत जोखिमपूर्ण था और छोटी-सी चूक भी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।
17 जुलाई 2026 को डॉ. विजय कुमार ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ लगभग पांच घंटे तक चले कठिन ऑपरेशन के माध्यम से इस जटिल ब्रेन ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया। ऑपरेशन के बाद मरीज को गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की सतर्क देखभाल के कारण उनकी स्थिति लगातार बेहतर होती गई। पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद 23 जुलाई को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
दोनों मरीजों के सफल उपचार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि श्री विजय वंदना हॉस्पिटल जटिल न्यूरोसर्जरी और स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मरीजों एवं उनके परिजनों ने डॉ. विजय कुमार और उनकी पूरी टीम की कुशलता, समर्पण, मेहनत एवं सेवाभाव की सराहना करते हुए हृदय से आभार व्यक्त किया।

