जटिल ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफल सर्जरी से मरीज को मिली नई जिंदगी…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर ने अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। इस कठिन शल्यक्रिया का सफल नेतृत्व वरिष्ठ सर्जन डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे जटिल और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल किया जाता है। इस ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को हटाकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग तैयार किया जाता है। इस प्रकार की सर्जरी के लिए उच्च स्तर की सर्जिकल विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, अत्याधुनिक आईसीयू सुविधाएं तथा बहु-विषयक चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास आवश्यक होते हैं।

अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता से अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के कैंसर मरीजों को ऐसे उन्नत उपचार के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। मरीजों को अपने ही प्रदेश में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना या लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर के साथ सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग एवं सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से कैंसर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

