सिम्स के विशेषज्ञों ने बताए प्रभावी उपाय…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] बरसात के मौसम में नमी, गंदगी और लंबे समय तक त्वचा के गीले रहने के कारण फंगल, बैक्टीरियल एवं वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी दाद, खुजली, एथलीट्स फुट, बैक्टीरियल संक्रमण तथा चिकनपॉक्स एवं हर्पीज जैसे वायरल संक्रमण का कारण बन सकती है। इन बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई तथा समय पर चिकित्सकीय सलाह अत्यंत आवश्यक है।
सिम्स बिलासपुर के त्वचा एवं चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जे.पी. स्वाइन एवं विभाग की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. संगीता सिंह, डॉ. शिल्पी लकड़ा, डॉ. पारुल गेमानी तथा डॉ. संचिता सिंघल ने बताया कि बरसात के मौसम में त्वचा को साफ एवं सूखा रखना सबसे महत्वपूर्ण है। नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं, भीगे हुए कपड़ों को तुरंत बदलें तथा हमेशा साफ और सूती वस्त्र पहनें। पैरों को लंबे समय तक गीला न रखें, जूते-मोजे पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह सुखा लें, क्योंकि नमी के कारण फंगल संक्रमण (एथलीट्स फुट) का खतरा बढ़ जाता है। खुले घावों को ढंककर रखें, तौलिया, कपड़े, कंघी या अन्य व्यक्तिगत वस्तुओं का साझा उपयोग न करें तथा नाखून छोटे एवं साफ रखें। त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, जलन, फफोले या पस जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर उपचार से बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और जटिलताओं से बचाव संभव है।

उन्होंने बताया कि सिम्स के त्वचा एवं चर्म रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 370 से 400 मरीज उपचार एवं परामर्श के लिए पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में फंगल एवं अन्य त्वचा संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जाती है, इसलिए समय पर जांच और उपचार कराना अत्यंत आवश्यक है।
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि वर्षा ऋतु में व्यक्तिगत स्वच्छता और जागरूकता ही त्वचा रोगों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के त्वचा संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज न करें तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयों का सेवन न करें।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स चिकित्सालय में त्वचा एवं चर्म रोगों के निदान एवं उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर अधिकांश त्वचा रोगों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने आमजन से स्वच्छता अपनाने, संतुलित जीवनशैली बनाए रखने तथा त्वचा संबंधी किसी भी समस्या होने पर तत्काल सिम्स के विशेषज्ञों से संपर्क करने की सलाह दी एवं किसी भी मेडिकल की दुकान से लक्षण बताकर दवा लेकर खाने से परहेज करने की बात कहीं गई।

