मिली बड़ी गड़बड़ी…!
412 भरे सिलेंडर मिले नदारद…
बिलासपुर-जनहित न्यूज़
बालाजी गैस एजेंसी के मगरपारा स्थित कार्यालय और महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में सोमवार को जिला प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने औचक कार्रवाई की। जांच के दौरान ऑनलाइन दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में बड़ी विसंगति सामने आई। रिकॉर्ड में 864 भरे सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर केवल 452 भरे सिलेंडर मिले। इस तरह 412 भरे गैस सिलेंडर कम पाए गए। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर उपलब्ध 452 भरे और 487 खाली, कुल 939 सिलेंडरों को जब्त कर लिया।
शिकायतों के बाद कलेक्टर ने गठित की थी

संयुक्त जांच टीम:-
बालाजी गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की संयुक्त टीम गठित कर एजेंसी के स्टॉक एवं शिकायतों की जांच के निर्देश दिए थे। इसी के तहत टीम ने दोनों परिसरों में औचक पहुंचकर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया।

जांच के दौरान घरेलू एवं व्यावसायिक श्रेणी के गैस सिलेंडरों का ऑनलाइन रिकॉर्ड से मौके पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार 864 भरे सिलेंडर होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर सिर्फ 452 सिलेंडर मिले। वहीं रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर 487 खाली सिलेंडर पाए गए। यानी खाली सिलेंडरों की संख्या रिकॉर्ड से 14 अधिक मिली।
939 सिलेंडर किए जब्त:-
स्टॉक में सामने आई गंभीर विसंगति के बाद जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध सभी 939 सिलेंडरों को जब्त कर लिया। इनमें 452 भरे और 487 खाली सिलेंडर शामिल हैं। टीम ने एजेंसी से संबंधित दस्तावेजों और स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का भी परीक्षण किया।
उपभोक्ताओं से भी लिए बयान:-
जांच के दौरान मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से एजेंसी की सेवाओं के संबंध में जानकारी ली गई और उनके बयान दर्ज किए गए। एजेंसी के खिलाफ बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने तथा ऑनलाइन डिलीवरी दर्ज होने के बावजूद वास्तविक रूप से सिलेंडर प्राप्त नहीं होने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। जांच में कॉल सेंटर और सीएम हेल्पलाइन 1076 में भी एजेंसी के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

सात दिन में कलेक्टर को सौंपेंगे रिपोर्ट:-
जांच दल में तहसीलदार प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक विनीता दास, वर्षा सिंह, मंगेश कांत, ललिता शर्मा, आशीष दीवान, वसुधा राजपूत तथा आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर पंकज छेतिजा शामिल रहे।
जांच टीम एजेंसी से संबंधित समस्त अभिलेखों, स्टॉक और उपभोक्ता शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

