ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कला और कल्पनाशीलता का किया शानदार प्रदर्शन…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को वरिष्ठ एवं जूनियर दो समूहों में विभाजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए हाथों पर आकर्षक मेहंदी की डिजाइनों को उकेरा।

भारतीय परंपरा में मेहंदी को सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है। विवाह, तीज, करवा चौथ सहित विभिन्न शुभ अवसरों पर मेहंदी सोलह श्रृंगार का महत्वपूर्ण अंग होती है। वहीं मेहंदी का उपयोग प्राकृतिक रंग के रूप में बालों को रंगने में भी किया जाता है। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक डिजाइनों के साथ अपनी रचनात्मक सोच का सुंदर परिचय दिया।
वरिष्ठ समूह में सिद्धि ने हासिल किया प्रथम स्थान:-
वरिष्ठ समूह में अजंता हाउस की सिद्धि गढ़ेवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नालंदा हाउस की आर्य मिश्रा एवं तक्षशिला हाउस की नीलिमा बुनकर ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं तक्षशिला हाउस की हर्षिता राजपूत एवं एलोरा हाउस की खुशी साहू ने तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए चाहत यादव एवं मौली क्रोशिया को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

जूनियर समूह में किरण ने मारी बाजी
जूनियर समूह में नालंदा हाउस की किरण केसरवानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अजंता हाउस की इशिता साहू एवं पलक साहू ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं तक्षशिला हाउस की मौली ठाकुर एवं नालंदा हाउस की श्रद्धा सेन को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मेहंदी की डिजाइनों में मोर, फूल, बेल-पत्तियों और बारीक कलात्मक आकृतियों का बेहतरीन समावेश देखने को मिला। महीन कारीगरी और आकर्षक डिजाइनों ने प्रतियोगिता को खास बना दिया।
कला के प्रति निराशा नहीं, निरंतर निखार जरूरी : निवेदिता सरकार:-
प्रतियोगिता का आयोजन शिक्षिका सपना यादव के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यालय की प्राचार्य निवेदिता सरकार ने मुख्य अतिथि एवं निर्णायक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का आकलन किया।

समापन अवसर पर प्राचार्य निवेदिता सरकार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि एक सच्चा कलाकार कभी निराश या हताश नहीं होता। वह सदैव प्रसन्न रहते हुए अपनी कला में नया निखार लाने का प्रयास करता है और अपनी भावनाओं एवं खुशियों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करता है।

उन्होंने कहा कि मेहंदी लगाना भी एक अनोखी और सुंदर कला है, जिसमें धैर्य, कल्पनाशीलता और बारीकी की आवश्यकता होती है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच देने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को भी बढ़ावा देती हैं।

