सोने की चेन लूटकांड में फरार हुए थे आरोपियों में अब तक चार गिरफ्तार…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर घर के पास फूल तोड़ रही महिला को घेरकर मारपीट करने के बाद सोने की चेन लूटकर फरार हुए आरोपियों के खिलाफ सिरगिट्टी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने करीब दो माह पुराने लूटकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को राउरकेला, ओडिशा से दबोच लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 की सुबह करीब 8:15 बजे एक महिला अपने घर के पास फूल तोड़ रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि एक युवक पीछे से और दो युवक सामने से महिला के पास पहुंचे तथा उसके साथ हाथ-मुक्के से मारपीट कर गले में पहनी करीब एक तोला वजन की पुरानी सोने की चेन, जिसमें लॉकेट लगा था, लूटकर फरार हो गए। लूटी गई चेन की कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई थी।
महिला की शिकायत पर सिरगिट्टी थाने में अपराध क्रमांक 457/2026, धारा 309(6), 3(5), 111 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी नवीन साहू और प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। वहीं, मामले में शामिल दो अन्य आरोपी लगातार फरार चल रहे थे।
फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सिरगिट्टी पुलिस की टीम राउरकेला, ओडिशा रवाना हुई, जहां लगातार पतासाजी और घेराबंदी के बाद दोनों फरार आरोपियों को हिरासत में लिया गया।


पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू सोनकर उर्फ टेनी (29), निवासी न्यू बस स्टैंड, मछली मार्केट, थाना प्लांट साइट, राउरकेला, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा तथा मोह. इरफान अंसारी उर्फ झुले (19), निवासी माल गोदाम मदरसा, थाना उदित नगर, राउरकेला, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा के रूप में की है।
दोनों आरोपियों को राउरकेला से गिरफ्तार कर सिरगिट्टी थाना लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया।
यह कार्रवाई उप-महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सउनि अजय चौरसिया, आरक्षक अतुल सिंह एवं आरक्षक बोधु कुम्हार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

