बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] प्रेस क्लब में केंद्रीय राज्यमंत्री की दो टूक जातिगत भेदभाव समाप्त हो, सभी वर्गों को मिले समान अवसर; छत्तीसगढ़ में RPI के विस्तार का भी किया ऐलान भाजपा से गठबंधन पर बोले अठावले RPI एनडीए का हिस्सा, सीट मिली तो साथ लड़ेंगे चुनाव; जरूरत पड़ी तो 8-10 सीटों पर उतारेंगे प्रत्याशी,बिलासपुर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री रामदास अठावले बुधवार को बिलासपुर पहुंचे। बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने पत्रकारिता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के विकास कार्यों, आरक्षण, जातीय जनगणना, सामाजिक समानता, महिला आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, बेरोजगारी, छत्तीसगढ़ में अपनी पार्टी के विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति सहित विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम की शुरुआत में बिलासपुर प्रेस क्लब परिवार की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। प्रेस क्लब की ओर से कहा गया कि अठावले का बिलासपुर आगमन स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय है और पत्रकारों के बीच उनके विचार सुनने का अवसर महत्वपूर्ण है।
अठावले ने पत्रकारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्वयं भी कभी पत्रकार बनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने का काम करते हैं और अपनी कलम के माध्यम से लगातार संघर्ष करते हैं।
मोदी सरकार के विकास कार्यों की गिनाई उपलब्धियां अठावले ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में विकास की गति तेज हुई है। विशेष रूप से सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होती है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से व्यापार, उद्योग और आम लोगों की आवाजाही को मजबूती मिलती है। उन्होंने केंद्र सरकार के बजट और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रालय अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, डीएनटी, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर, अनाथ बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित विभिन्न वर्गों के लिए काम कर रहा है।

आरक्षण पर बोले विरोध करने के बजाय सामाजिक न्याय को समझना होगा:-
आरक्षण के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन आरक्षण का अनावश्यक विरोध उचित नहीं है। उन्होंने संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई।
उन्होंने ओबीसी आरक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण महत्वपूर्ण है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज में भी सभी लोग आर्थिक रूप से संपन्न नहीं हैं। ऐसे गरीब परिवारों के बच्चों को भी अवसर मिलना चाहिए।
आरक्षण खत्म करना है तो पहले जातिवाद खत्म करना होगा”
एक पत्रकार के सवाल के जवाब में अठावले ने कहा कि देश में सामाजिक परिवर्तन जरूर हुआ है, लेकिन जातिवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि शहरों में परिस्थितियों में काफी बदलाव दिखाई देता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं।
अठावले ने कहा कि यदि जातिगत भेदभाव पूरी तरह समाप्त हो जाए और समाज में वास्तविक समानता स्थापित हो जाए तो आरक्षण की आवश्यकता पर भविष्य में विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उनका मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार और अवसर दिलाना है।
जातीय जनगणना से सामने आएगी प्रत्येक जाति की वास्तविक स्थिति जातीय जनगणना के सवाल पर अठावले ने कहा कि इससे देश में अलग-अलग जातियों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में प्रत्येक जाति की आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने पर विचार होता है तो उस पर भी चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य किसी वर्ग को दूसरे वर्ग के खिलाफ खड़ा करना नहीं बल्कि सभी को उचित अवसर देना होना चाहिए। रोटी-बेटी के रिश्ते पर भी रखी अपनी बात जातिगत समानता को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि समाज में केवल राजनीतिक या सामाजिक समानता की बात करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आपसी रिश्तों में भी बदलाव आना चाहिए।
उन्होंने अंतरजातीय विवाह और विभिन्न समाजों के बीच पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक दूरी कम होनी चाहिए।
अठावले ने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पत्नी ब्राह्मण समाज से हैं, जबकि वे स्वयं दलित समाज से आते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में भी विभिन्न जाति और समाज के लोग साथ काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी समाजों को साथ लेकर चलना ही सामाजिक एकता का रास्ता है।
निजी क्षेत्र में आरक्षण पर जताई चिंता
निजी क्षेत्र में आरक्षण के सवाल पर अठावले ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार सीमित हो रहे हैं और कई संस्थान निजी क्षेत्र में जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब सरकारी संस्थान निजी क्षेत्र में चले जाते हैं तो वहां आरक्षण का प्रावधान उसी तरह लागू नहीं रहता। उन्होंने सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के युवाओं को केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय कौशल विकास, उद्यमिता और एमएसएमई की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। महिला आरक्षण जल्द लागू करने की मांग महिला आरक्षण के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की पक्षधर है।
उन्होंने कहा कि संसद और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का समर्थन करने की अपील की।
उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के महिला अधिकारों से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब चाहते थे कि महिलाओं को संपत्ति, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में समान अधिकार मिले। छत्तीसगढ़ में RPI को मजबूत करने का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक हिस्सा छत्तीसगढ़ में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के विस्तार को लेकर रहा। अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी की छत्तीसगढ़ में पहले से मौजूदगी है, लेकिन पार्टी जितनी मजबूत होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास सतनामी, दलित, ओबीसी, ब्राह्मण, वैश्य सहित सभी समाजों को साथ लेकर पार्टी का विस्तार करना है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ में बड़ी राजनीतिक ताकत बन सकती है।
भाजपा से गठबंधन पर बोले सीट मिली तो साथ चुनाव लड़ेंगे आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल पर अठावले ने कहा कि RPI वर्तमान में एनडीए का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी को सीट देती है तो वे गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे।
अठावले ने कहा कि यदि पार्टी छत्तीसगढ़ में मजबूत होती है और भाजपा 4-5 सीटें देती है तो उसका विचार किया जाएगा। वहीं पर्याप्त सीटें नहीं मिलने पर RPI करीब 8 से 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रयास कर सकती है।
उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में वे कई बार छत्तीसगढ़ आए थे और उनकी पार्टी ने कोई सीट नहीं लड़ी थी, बल्कि भाजपा के पक्ष में प्रचार किया था। महाराष्ट्र की राजनीति पर बोले जिसके साथ गया, सत्ता उसके साथ आई। महाराष्ट्र में RPI के विधायकों को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि वर्तमान में उनकी पार्टी के विधायक नहीं हैं।
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पहले कांग्रेस के साथ रहे और बाद में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ आए। अठावले ने कहा कि उनका राजनीतिक अनुभव रहा है कि वे जिस गठबंधन के साथ जाते हैं, वह सत्ता में आता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे नरेंद्र मोदी के साथ हैं और केंद्र में एनडीए की सरकार को लेकर उन्हें पूरा विश्वास है।
राहुल गांधी पर निशाना आलोचना करें, लेकिन गलत आरोप न लगाएं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के रूप में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन गलत आरोप लगाना उचित नहीं है।
अठावले ने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की जीत होगी और राहुल गांधी के लिए प्रधानमंत्री बनना आसान नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ को सामाजिक न्याय मंत्रालय की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने का भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से संभावित मुलाकात और छत्तीसगढ़ के लिए मिलने वाली सौगात को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के बजट से छत्तीसगढ़ को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रस्ताव आने पर योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।
दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजनाओं पर जोर
अठावले ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए मंत्रालय की योजनाओं के माध्यम से आवश्यक उपकरण एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा।
युवाओं से बोले सिर्फ नौकरी के पीछे न भागें उद्यमिता अपनाएं
केंद्रीय राज्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे केवल सरकारी नौकरी के पीछे न भागें। कौशल विकास के साथ एमएसएमई और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दे रही है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उद्योग एवं व्यापार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी तथा देश जल्द ही दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।
पत्रकारों के सवालों पर खुलकर बोले अठावले
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में अठावले ने लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। आरक्षण से लेकर जातीय जनगणना, महिला आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, रोजगार, राहुल गांधी की राजनीति, भाजपा के साथ गठबंधन और छत्तीसगढ़ में RPI के विस्तार तक उन्होंने अपनी पार्टी और सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को मजबूत करने और भविष्य में चुनावी राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत भी दिए। कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

