नगर निगम पर्यावरण विभाग की संयुक्त कार्रवाई शहरभर में मूर्ति दुकानों का सघन निरीक्षण…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर गणेशोत्सव से पहले पर्यावरण संरक्षण को लेकर बिलासपुर नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। पर्यावरण और जल स्रोतों के लिए नुकसानदायक प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के खिलाफ नगर निगम और पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 24 छोटी गणेश प्रतिमाएं जब्त की हैं। निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर शहर में गणेश प्रतिमाओं की बिक्री के लिए लगाए गए दुकानों का निरीक्षण किया गया।
संयुक्त टीम ने इमलीपारा, पुराना बस स्टैंड, बृहस्पति बाजार, मुंगेली नाका, सुभाष चौक, देवकीनंदन चौक और दयालबंद क्षेत्र में मूर्ति दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुंगेली नाका और बृहस्पति बाजार स्थित दो दुकानों में पीओपी से निर्मित 24 गणेश प्रतिमाएं मिलीं। टीम ने सभी प्रतिमाओं को जब्त कर लिया।
जल और पर्यावरण के लिए घातक है पीओपी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा निर्माण में प्रतिबंधित प्लास्टिक, पीओपी, रासायनिक रंग अथवा अन्य गैर-जैव अपघटनीय सामग्री का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। विशेषकर प्रतिमा विसर्जन के दौरान ऐसी सामग्री जल स्रोतों में पहुंचकर जल की गुणवत्ता प्रभावित करने के साथ जलीय जीवों और वनस्पतियों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे जल एवं मिट्टी प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता है।
इसीलिए प्रशासन ने मूर्तिकारों से पर्यावरण अनुकूल मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से प्रतिमाएं तैयार करने की अपील की है, ताकि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी कायम रहे।
18 अगस्त को ही मूर्तिकारों को दिए गए थे निर्देश:-
नगर निगम प्रशासन ने आगामी गणेशोत्सव को देखते हुए 18 अगस्त को शहर के सभी मूर्तिकारों की बैठक लेकर प्रतिमा निर्माण में प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इस दौरान निगम ने मूर्तिकारों से अपील की थी कि वे उत्सव की भावना को आस्था भी, संस्कृति भी और पर्यावरण संरक्षण भी के संकल्प से जोड़ें।
निगम प्रशासन का कहना है कि मूर्तिकारों की कला शहर की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक परंपराओं को मजबूती देती है। यदि इसी कला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचे, तो इसका व्यापक और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ पर्यावरण संरक्षण से समझौता नहीं किया जाएगा और प्रतिबंधित सामग्री से निर्मित प्रतिमाओं के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

