सकुशल मिलीं दोनों नाबालिग बहनें…
सकरी पुलिस की तत्परता से परिवार ने ली राहत की सांस…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] घर से निकलीं दो मासूम बेटियां जब देर रात तक वापस नहीं लौटीं, तो मां का कलेजा अनहोनी की आशंका से कांप उठा। हर गुजरते पल के साथ उसकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी। आंखों में आंसू, मन में अनगिनत सवाल और बेटियों की सलामती की दुआ लिए परिजन उनकी तलाश में परेशान होते रहे। लेकिन महज 12 घंटे बाद जब दोनों बहनें सकुशल मिलीं, तो मां की आंखों से बहते आंसू खुशी में बदल गए। जिस परिवार पर कुछ घंटे पहले तक चिंता और डर का साया था, वहां बेटियों की वापसी ने फिर खुशियां लौटा दीं। इस त्वरित कार्रवाई के लिए परिजनों ने सकरी पुलिस का आभार जताया।
मामला बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को दो नाबालिग सगी बहनें घर से बिना बताए कहीं चली गई थीं। देर शाम तक उनके वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार को किसी अनहोनी का डर सताने लगा। परेशान परिजन तत्काल थाना सकरी पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
नाबालिग बच्चियों के लापता होने की संवेदनशीलता को देखते हुए सकरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 987/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में अपराध पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद बच्चियों की तलाश के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक परमेश्वर तिलकवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संजय सिंदे के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर बच्चियों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए।
मंगला के पार्क में मिलीं दोनों बहनें-:

पुलिस की लगातार तलाश और तत्परता का नतीजा रहा कि दोनों नाबालिग बहनों को महज 12 घंटे के भीतर मंगला स्थित एक पार्क से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। पूछताछ के दौरान बच्चियों ने बताया कि घूमने के दौरान वे रास्ता भटक गई थीं। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बेटियों को सामने देख छलक उठे खुशी के आंसू-:
बेटियों को सुरक्षित सामने देखकर मां और परिजनों की जान में जान आई। जिस अनहोनी की आशंका से मां का मन व्याकुल था, वह चिंता बेटियों की सकुशल वापसी के साथ दूर हो गई। मां की आंखों में छलकती खुशी और परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान ने इस पूरी कार्रवाई के भावुक पहलू को सामने ला दिया।
नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित तलाशने वाली सकरी पुलिस की परिजनों ने सराहना की और धन्यवाद दिया।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका-:
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी संजय सिंदे, उपनिरीक्षक गणेशराम महिलांगे, प्रधान आरक्षक अर्चना साहू, सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र तिवारी, प्रधान आरक्षक बलराज सिंह, प्रधान आरक्षक मालती तिवारी, आरक्षक मनोज बघेल और पवन बंजारे सहित सकरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि बच्चों के अचानक लापता होने पर घबराने के साथ समय गंवाने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है। समय पर मिली सूचना और पुलिस की सक्रियता बच्चों की तलाश में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

