ट्रॉली बैग में छिपाकर ले जा रहा था 7.50 लाख का गांजा, प्लेटफॉर्म नंबर 7-8 पर जीआरपी की चेकिंग में पकड़ा गया आरोपी…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] रेलवे स्टेशन बिलासपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जीआरपी ने 15 किलोग्राम गांजे के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 7 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी ट्रॉली बैग में गांजा छिपाकर ले जा रहा था, लेकिन प्लेटफॉर्म पर चल रही जांच के दौरान पुलिस की नजर उस पर पड़ गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है।
प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों से खुला मामला-:
रेल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर एवं उप पुलिस अधीक्षक रेल बिलासपुर के निर्देश पर ट्रेनों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 28 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और 8 पर रेल पुलिस की टीम संदिग्ध यात्रियों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध नजर आने पर पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की और उसके सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके ट्रॉली बैग के भीतर रखे गुलाबी रंग के बैग से गांजा बरामद हुआ। वजन करने पर गांजे की मात्रा 15 किलोग्राम पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत 7.50 लाख रुपये बताई गई है।

जबलपुर निवासी संजय मेहरा गिरफ्तार:-
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय मेहरा (37), पिता रामसेवक मेहरा, निवासी गढ़ा थाना क्षेत्र, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। रेल पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में अपराध दर्ज कर 28 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार किया।
गांजा कहां से आया, कहां होना था सप्लाई…?
रेलवे स्टेशन पर गांजे की इतनी बड़ी खेप बरामद होने के बाद अब इसकी तस्करी के स्रोत और संभावित नेटवर्क को लेकर जांच अहम है। आरोपी गांजा कहां से लेकर आया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था, इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इन सवालों के जवाब आगे की जांच में सामने आ सकते हैं।
इस कार्रवाई में निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव, सहायक उपनिरीक्षक विश्वनाथ चक्रवर्ती सहित रेल पुलिस के अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

