रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड-52 में बारिश से घरों में घुसा था पानी सर्वे और प्रतिवेदन के बाद तक राहत नहीं…
प्रभावित परिवार त्रस्त…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] जून माह में हुई भारी बारिश से प्रभावित परिवार आज भी मुआवजे की राह देख रहे हैं। शहर के रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड क्रमांक 52 में बारिश के दौरान घरों में पानी भरने से हुए नुकसान के बावजूद आर्थिक सहायता नहीं मिलने का मामला सामने आया है। प्रभावित परिवारों की समस्या को लेकर पार्षद दिलीप पाटिल महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष मुआवजे की मांग उठाई।
घरों में घुसा था पानी, परिवारों को उठाना पड़ा नुकसान:-

जानकारी के अनुसार, जून माह में बिलासपुर में हुई भारी बारिश के दौरान वार्ड क्रमांक 52 के कई घरों में पानी भर गया था। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान के साथ ही कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद प्रभावितों को उम्मीद थी कि प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन कर नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन में वार्ड स्तर पर सर्वे कर प्रतिवेदन तैयार किए जाने और उसे संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद अब तक मुआवजा नहीं मिलने से प्रभावित परिवारों की परेशानी बनी हुई है।
महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे पार्षद-:
मुआवजे में हो रही देरी को लेकर पार्षद दिलीप पाटिल प्रभावित महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन का ध्यान प्रभावित परिवारों की समस्या की ओर आकर्षित करते हुए मांग की कि प्रस्तुत आवेदनों और सर्वे प्रतिवेदन की जांच कर पात्र परिवारों को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान प्रभावित महिलाओं ने भी बारिश से हुए नुकसान और अब तक मुआवजा नहीं मिलने से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखीं। उनका कहना है कि बारिश के कारण हुए नुकसान से उबरने के लिए आर्थिक सहायता जरूरी है। ऐसे में प्रशासन को मामले में शीघ्र पहल करनी चाहिए।

सर्वे हुआ तो राहत राशि मिलने में देरी क्यों…?
प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि नुकसान का सर्वे और प्रतिवेदन तैयार होने के बाद भी मुआवजे की प्रक्रिया अब तक आगे क्यों नहीं बढ़ पाई है। परिवारों को उम्मीद है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन लंबित प्रकरणों की समीक्षा करेगा और नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को राहत प्रदान करेगा।
फिलहाल, पार्षद और प्रभावित महिलाओं ने मुआवजे की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं और बारिश से प्रभावित परिवारों को राहत राशि कब तक मिल पाती है।

