विद्युत दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने पावर कंपनी की नागरिकों से अपील…
खराब वायरिंग खुले तार और ओवरलोडिंग हादसों की बड़ी वजह सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] बिजली हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन जरा सी लापरवाही इसे मौत का कारण भी बना सकती है। घरों में खराब वायरिंग, खुले और कटे हुए तार, ओवरलोडिंग तथा विद्युत उपकरणों का असुरक्षित इस्तेमाल कभी भी करंट, शॉर्ट सर्किट और आगजनी जैसी गंभीर दुर्घटनाओं को जन्म दे सकता है। विद्युत दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने आम नागरिकों से बिजली के उपयोग में विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि विद्युत हादसों के पीछे अक्सर बड़ी वजह नहीं, बल्कि छोटी-छोटी लापरवाहियां होती हैं। समय रहते वायरिंग की जांच, सुरक्षित उपकरणों का उपयोग और जरूरी सावधानियां अपनाकर कई गंभीर हादसों को रोका जा सकता है।
खराब वायरिंग और ओवरलोडिंग से बढ़ता है खतरा:-
विद्युत वितरण कंपनी ने नागरिकों को सलाह दी है कि घरों और व्यावसायिक भवनों में अर्थिंग की समुचित व्यवस्था रखें। बिजली की वायरिंग की नियमित जांच योग्य एवं प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से कराएं। गीले हाथों से स्विच बोर्ड और विद्युत उपकरणों को छूने से बचें। बिजली के मीटर के आसपास ज्वलनशील पदार्थ न रखें तथा विद्युत सर्किट पर क्षमता से अधिक भार न डालें। घर के विद्युत भार के अनुरूप उचित क्षमता के तारों का उपयोग करें और क्षतिग्रस्त या ढीले तारों को तत्काल बदलवाएं।
बिजली के खंभों और टूटे तारों से रहें दूर:-
कंपनी ने चेतावनी दी है कि बिजली के तारों को कभी भी अस्थायी या खुले जोड़ से न जोड़ें। विद्युत खंभों और तारों के आसपास पेड़ों पर चढ़ने या उनके संपर्क में आने से बचें। बिजली के तारों के नीचे तथा खंभों के आसपास वाहन खड़े न करें। खेत, बाड़ी अथवा घर की फेंसिंग में करंट प्रवाहित करना बेहद खतरनाक और दंडनीय है। ऐसी लापरवाही से इंसानों के साथ-साथ मवेशियों की जान भी जा सकती है।
विद्युत खंभों, ट्रांसफार्मरों और टूटकर जमीन पर गिरे तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। ऐसे तारों को हटाने या छूने की कोशिश बिल्कुल न करें, बल्कि तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दें।
हीटर और पुराने उपकरण भी बन सकते हैं हादसे की वजह:-
पावर कंपनी ने घरों में इस्तेमाल होने वाले विद्युत उपकरणों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उपयोग नहीं होने पर उपकरणों का स्विच बंद रखें। रूम हीटर के आसपास कपड़े, कागज अथवा अन्य ज्वलनशील वस्तुएं न रखें। पुराने, खराब और क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें।
1912 पर करें शिकायत, मोर बिजली ऐप भी उपलब्ध:-
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए.के. अम्बस्थ ने नागरिकों से अपील की है कि विद्युत सुरक्षा को केवल बिजली विभाग की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बनाएं। थोड़ी सी सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन बहुमूल्य जीवन एवं संपत्ति को सुरक्षित रख सकता है।
उन्होंने कहा कि विद्युत संबंधी दुर्घटना अथवा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें अथवा मोर बिजली ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी विद्युत कार्यालय को भी सूचना दें।
संदेश साफ है।बिजली से खिलवाड़ नहीं, सुरक्षा से समझौता नहीं। एक छोटी सी सावधानी किसी की जिंदगी बचा सकती है।

