धरदेई–बिलासपुर पूल लाइन की सफल चार्जिंग से बिजली पारेषण क्षमता को मिलेगी नई ताकत भविष्य की बढ़ती मांग पूरी करने का खुलेगा रास्ता…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] छत्तीसगढ़ की विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस धरदेई–बिलासपुर पूल (पीजीसीआईएल) पारेषण लाइन को गुरुवार 5 नवंबर 2026 को दोपहर 12:34 बजे सफलतापूर्वक चार्ज कर चालू कर दिया। लगभग 50.7 किलोमीटर लंबी इस हाईटेक पारेषण लाइन के शुरू होने से प्रदेश की बिजली आपूर्ति एवं पारेषण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। इसका सीधा लाभ बिलासपुर सहित छह जिलों को मिलने की उम्मीद है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना की चार्जिंग सीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक इंजी. आर.के. शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (लाइन) इंजी. संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (सबस्टेशन) बिलासपुर श्रीमती कल्पना घाटे, कार्यपालक निदेशक बिलासपुर क्षेत्र इंजी. ए.के. अम्बस्थ सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कठिन चुनौतियों के बीच पूरी हुई परियोजना
इस पारेषण लाइन का निर्माण तकनीकी और व्यावहारिक दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण रहा। निर्माण कार्य के दौरान चार स्थानों पर दूसरी विद्युत लाइनों की क्रॉसिंग का कार्य हॉटलाइन पद्धति से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। खास बात यह रही कि एक रेलवे क्रॉसिंग का कार्य भी बिना पावर ब्लॉक लिए हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक से संपन्न किया गया। इससे रेलवे परिचालन और विद्युत आपूर्ति बाधित किए बिना महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरा करना संभव हुआ।
परियोजना के निर्माण में सबसे बड़ी चुनौतियों में गंभीर राइट ऑफ वे (मार्गाधिकार) संबंधी समस्याएं भी शामिल थीं। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का परिचय देते हुए सभी बाधाओं को पार किया और निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया।
छह जिलों की विद्युत व्यवस्था को मिलेगा संबल
नई 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस पारेषण लाइन के चालू होने से अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण संभव होगा। इससे वर्तमान विद्युत मांग को पूरा करने के साथ भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की जरूरतों के अनुरूप पारेषण व्यवस्था को और सक्षम बनाया जा सकेगा। यह परियोजना बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, रायपुर तथा भाटापारा-बलौदाबाजार जिलों की विद्युत आपूर्ति एवं पारेषण नेटवर्क को व्यापक मजबूती प्रदान करेगी।
अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वय से मिली सफलता-:

इस अवसर पर इंजी. यशवंत शिलेदार, इंजी. एस.के. दुबे, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, इंजी. के.के. यादव, अधीक्षण अभियंता, इंजी. गौतम केनार, अधीक्षण अभियंता (सबस्टेशन), इंजी. वी.बी.एस. कंवर, अधीक्षण अभियंता (लाइन), इंजी. रवि चंद्राकर, अधीक्षण अभियंता (सिविल), इंजी. आर. जायसवाल, कार्यपालन अभियंता (ईएचटी निर्माण), इंजी. एम.डी. दुबे, कार्यपालन अभियंता (ईएचटी मेंटेनेंस), इंजी. योगेश्वर सिन्हा, कार्यपालन अभियंता (सिविल), इंजी. हिमांशु नामदेव, इंजी. शिवसुंदर घोष, इंजी. यशोनिल मिश्रा, इंजी. आरती मधु कुजूर, इंजी. ए.के. सैनी, सहायक अभियंता मोहन कुमार देवांगन, नवीन मिश्रा एवं इंजी. धीरज गढ़ेवाल सहित योगेश राठिया, पूनम कौशिक, क्षितिज त्रिपाठी, हिमांशु मेहरा, यशवंत कुमार, बजरंग विश्वकर्मा, वर्षा कुर्रे, ऋषभ पांडे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, 286 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी परियोजना केवल एक नई पारेषण लाइन की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की भावी विद्युत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। कठिन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक पूरी हुई इस परियोजना ने सीएसपीटीसी एल की तकनीकी क्षमता और सामूहिक कार्यकुशलता को भी प्रदर्शित किया है।

