पैसे में बहुत ताकत होती है हमारा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता क्या चरिरतार्थ कर दिखाया नरेंद्र मोटवानी ने…?
04 नवंबर 2022
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} न्यायधानी बिलासपुर में अब अपराधियो को किसी प्रकार का भय नही रहा क्योकि अपराध करने के बाद भी पैसे के बलबूते पर साफ़ निकल जाते है परंतु यह बिलासपुर की शांति में जहर घोलने जैसा कदम है अपराधियों पर अब नकेल कसने की बेहद जरूरत हो गई है, वर्ना पूरा शहर इन गुंडे बदमाशों की जद में आ जायेगा इन पर कठोर कार्यवाही के अलावा सामाजिक दबाव भी बनाना अब लाजमी हो गया है।
ज्ञात हो कि भू माफियाओं द्वारा मां बेटे के अपहरण मामले में पुलिस ने आदतन बदमाश ऋषभ पानीकर और उसके साथी नरेंद्र मोटवानी को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन एक आरोपी नरेंद्र मोटवानी को
उसी दिन जमानत मिल गई।
अब यहाँ सवाल यह उठता है कि इतनी दिलेरी से जिसने वायरल ऑडियो में खुल कर पुलिस की धज्जियां उड़ाते हुए बात कही की पैसे में बहुत ताकत होती है एक पैकेट फेकेंगे तो पुलिस दौड़ती आती है ,
तो क्या ये मान लिया जाए कि सचमुच ही पैसे के आगे सब नतमस्तक होते है क्योंकि आरोपी नरेंद्र मोटवानी ने जिस अंदाज में पूरे पुलिस विभाग के बारे में जो शब्द कहे उसके हिसाब से तो उसने कर दिखाया आपको बताते चले कि ये दोनों आरोपी आदतन अपराधी और बड़े रसूक वाले भूमाफिया है उसके बावजूद कार्यवाही में नरम रवैया समझ से परे है।
जहाँ तक सिंधी समाज की बात है तो इस वर्ग को बेहद शांति प्रिय और व्यापारिक द्रष्टिकोड से ही पहचाना जाता है और ऐसे में नरेंद्र मोटवानी द्वारा जमीन की खातिर अपनी ही समाज के माँ पुत्र का अपहरण जैसा जघन्य अपराध पूरे समाज के माथे पर कालिख पोतने जैसा कृत्य है और समूचे सिंधी समाज को इस पनपते अपराधी का पूर्ण रूप से विरोध करना चाहिए क्योंकि सिंधी समाज वर्ग के लोग सिर्फ और सिर्फ मेहनत कर व्यापार करने में विशवास रखता है अब अगर उसी समाज से जुड़े किसी युवक द्वारा घिनोने अपराधिक कृत्य करने पर समाज को कठोर कदम उठाते हुए उसका समाज से ही बहिष्कार कर देना चाहिए क्योंकि आख़िर बात प्रतिष्ठा की है…! भला एक सभ्य समाज ऐसे अपराधी को कैसे सहन कर सकती है।
अब यह जरूरी कदम भी समाज को उठाना चाहिए। तोरवा निवासी 17 वर्षीय पियूष
गंगवानी की तोरवा गुरुनानक चौक के पास 4000 स्क्वायर फीट की बेशकीमती जमीन है, जिसे जोर-जबर्दस्ती हथियाने के लिए आदतन अपराधी ऋषभ पानीकर ने जमीन कारोबारी नरेंद्र मोटवानी के साथ मिलकर माँ बेटे का अपहरण कर लिया था। अपने ऑफिस में जाकर दोनों ने पीयूष गंगवानी और उसकी मां को खूब डराया धमकाया ।
यहां तक की वहां मौजूद एक लड़की द्वारा उसके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर उसे जेल भेजने की भी धमकी दी। इसी दौरान पियूष गंगवानी ने दोनों बदमाशों का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया जिसमें उनकी बातें रिकॉर्ड हो गई। ऋषभ पानीकर और नरेंद्र मोटवानी ने तो यहां तक कहा कि उनके पास इतना पैसा है कि एक पैकेट फेंकते हैं तो पुलिस दौड़ी दौड़ी चली आती है।
इसके बाद से ही पीयूष दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की कोशिश कर रहा था लेकिन पुलिस उसे गंभीरता से नहीं ले रही थी। थककर पीयूष गंगवानी ने रिकॉर्डेड ऑडियो वायरल कर दिया, जिसमें पुलिस के खिलाफ ही अनर्गल बाते कही गई।
भड़की पुलिस ने ऋषभ पानीकर और नरेंद्र मोटवानी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
इस बीच दोनों भू माफियाओं को छुड़ाने कोतवाली थाने में लोगों की भीड़ जुटी रही, जिसमें कई रसूखदार नेता भी शामिल थे।
गुरुवार को जब पुलिस नरेंद्र मोटवानी का मेडिकल कराने उसे सिम्स लेकर गई तो चिकित्सकों ने उसे मेडिकल अनफिट बताकर अस्पताल में भर्ती कर लिया। इसी आधार पर उसे जमानत भी मिल गई, इसलिए पुलिस केवल ऋषभ पानी कर का जुलूस निकाल कर उसे कोर्ट लेकर गई। इससे पहले भी तोरवा क्षेत्र के ही एक व्यापारी के साथ भी ऋषभ पानीकर ने मारपीट की थी और उस मामले में भी जेल गया था लेकिन बाहर आते ही उसने अपनी पुरानी हरकतें फिर से शुरू कर दी।
अब नरेंद्र मोटवानी के साथ मिलकर फिर नए सिरे से जमीन हथियाने का काम शुरू कर दिया है लेकिन नरेंद्र मोटवानी की ऐसे अपराध में संलिप्तता से पूरा समाज हतप्रद है और अब इस कृत्य पर कठोर कदम उठाने की बातें भी समाज के प्रतिष्ठित वर्ग में होने लगी क्योकि बात पूरे समाज के सम्मान और प्रतिष्ठा की है।



