नशे के कारोबार के विरुद्ध कठोर और निर्णायक प्रहार…!
एनडीपीएस एक्ट के तहत करोड़ों की अवैध संपत्तियाँ फ्रीज…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज] वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 68-एफ के तहत नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज किया है। यह कार्रवाई जिले में नशे के अवैध व्यापार पर नकेल कसने की ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

आरोपी कांति पांडे, निवासी चोरभट्ठी खुर्द, थाना सकरी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के 3 प्रकरण दर्ज हैं। जांच में खुलासा हुआ कि उसने नशे के कारोबार से अर्जित धन से चोरभट्ठी खुर्द में ₹15 लाख का मकान और चोरभट्ठी कला में ₹21 लाख की जमीन खरीदी थी।
वहीं, ओडिशा के अंबाभना, कोडपल्ला निवासी दीपक गंडा के खिलाफ थाना सकरी में अपराध क्रमांक 533/2025 धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट पंजीबद्ध है। उसके पास से अवैध गांजा बिक्री की ₹2.50 लाख नकदी जब्त की गई थी।

पुलिस ने विवेचना के दौरान सिर्फ 50 दिनों में इन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज किया। फ्रीज की गई संपत्तियों की कुल अनुमानित बाजार कीमत ₹38.50 लाख है। आगे की कार्रवाई हेतु सम्पूर्ण प्रकरण SAFEMA न्यायालय, मुंबई को प्रेषित किया गया है।
जिले में अब तक की सबसे बड़ी सफलता
अब तक बिलासपुर पुलिस द्वारा 7 प्रकरणों में कुल 19 आरोपियों की अवैध संपत्तियाँ चिन्हित कर फ्रीज की गई हैं।

इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹7.40 करोड़ आँकी गई है। यह उपलब्धि बिलासपुर पुलिस के इतिहास में नशे के कारोबार के विरुद्ध एक कठोर और निर्णायक प्रहार के रूप में दर्ज हुई है।
उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरेंद्र तिवारी की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उनके बेहतरीन कार्य की प्रशंसा करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।

एसएसपी रजनेश सिंह का नेतृत्व…
एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत इतनी बड़ी संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज करने की यह कार्रवाई न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक मिसाल बनी है। नशे के खिलाफ जारी जंग में यह पुलिस की सख्ती और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

