जल है तो कल है भू-जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
भू-जल संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कलेक्टर ने दिलाई जल संरक्षण और स्वच्छता की शपथ…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर जिले में भू-जल संवर्धन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागृह, शनिचरी बाजार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी को केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि तेजी से गिरते भू-जल स्तर और बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को पानी बचाने के लिए जागरूक होना जरूरी है। वर्षा जल संचयन, तालाब संरक्षण और पौधरोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, वर्षगांठ और अन्य विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सके।

कार्यक्रम में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, कुएं और जल संरचनाओं का संरक्षण बेहद आवश्यक है। वहीं महापौर पूजा विधानी ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है और इसे जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने स्वच्छता, पौधरोपण और जल बचत को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि भू-जल के अत्यधिक दोहन के कारण जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे भविष्य में गंभीर जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने तालाब, डबरी और वर्षा जल संचयन जैसी संरचनाओं को मजबूत करने पर जोर देते हुए नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई।
एसएसपी रजनेश सिंह ने जल संरक्षण को भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि जिस प्रकार चोर सामान चुरा लेता है, उसी तरह हम धरती का पानी लगातार खत्म कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों से सतर्क रहने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और नशे से दूर रहने की अपील भी की।
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि पर्यावरण सुरक्षा और भू-जल संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।कार्यशाला में राजनांदगांव जिले के सहायक परियोजना अधिकारी फैज अहमद ने वी वायर टेक्नोलॉजी, पोंड विथ इंजेक्शन वेल सहित विभिन्न भू-जल संरक्षण संरचनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वर्षा जल संचयन, वैज्ञानिक जल प्रबंधन, स्थल चयन, संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव सहित आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति विनोद सोनी, डीएफओ नीरज यादव, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, पार्षद बंधु मौर्य सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आर्किटेक्ट, तकनीकी विशेषज्ञ, बिल्डर्स, सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।

