CCTV बना सबसे बड़ा गवाह रतनपुर थाना की कार्रवाई को मिली बड़ी सफलता…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर रतनपुर थाना क्षेत्र के बेलतरा स्थित ग्रामीण बैंक और एटीएम में दीवार तोड़कर सेंधमारी करने वाले पांच शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों ने बैंक के पीछे की दीवार में सेंध लगाकर बैंक के भीतर प्रवेश किया और एटीएम व लॉकर को तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि नकदी हाथ नहीं लगी, लेकिन बैंक का राउटर और स्टेबलाइजर चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
सोमवार सुबह खुला बैंक, सामने आया सेंधमारी का राज:-
घटना की शिकायत ग्रामीण बैंक बेलतरा के शाखा प्रबंधक ने 6 जुलाई 2026 को रतनपुर थाने में दर्ज कराई। बताया गया कि 4 जुलाई की शाम बैंक बंद कर कर्मचारी घर चले गए थे। रविवार अवकाश होने के कारण बैंक बंद रहा। सोमवार सुबह बैंक खुलते ही कर्मचारियों ने पीछे की दीवार टूटी देखी और तत्काल शाखा प्रबंधक को सूचना दी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि बदमाश दीवार तोड़कर बैंक में दाखिल हुए थे। उन्होंने बैंक का राउटर और स्टेबलाइजर चोरी कर लिया तथा एटीएम और लॉकर को गैंती व टंगिया से तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
CCTV और मुखबिर की सूचना से खुली पूरी साजिश:-
रतनपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी सुमेष कश्यप उर्फ सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

गिरफ्तार आरोपी:-
सुमेष कश्यप उर्फ सोनू (29), निवासी नेवसा
सुरज कुमार विश्वकर्मा (26), निवासी गिधौरी
नवीन कुमार बैसवाड़े (28), निवासी नेवसा
खिकराम खैरवार उर्फ विक्की (25), निवासी गिधौरी प्रकाश यादव उर्फ बौना (19), निवासी गिधौरी।
दो बाइक, औजार और चोरी का सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया स्टेबलाइजर और राउटर बरामद किया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल, लोहे की धारदार गैंती और टंगिया भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उपनिरीक्षक नीलाकर सेठ, प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह, आरक्षक आकाश डोंगरे एवं देवानंद चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

