बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] अधीष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के मार्गदर्शन में, भारत सरकार के नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर के निर्देशों के अनुपालन में आज बिलासपुर में नशा मुक्ति जागरूकता रैली एवं संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
डॉ. एस. के. नायक, प्रोफेसर एवं मनोरोग विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में एमबीबीएस प्रथम से चतुर्थ वर्ष तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली में विशेष रूप से प्रथम वर्ष एमबीबीएस के विद्यार्थियों के साथ-साथ बायोकेमिस्ट्री एवं मनोचिकित्सा विभाग के स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
सिम्स परिसर से प्रारंभ हुई यह जागरूकता रैली रिवर व्यू तक निकाली गई, जहाँ पहुँचकर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त जीवन अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया। पूरे मार्ग में युवा शक्ति का यही संदेश, नशामुक्त हो अपना देश तथा जीवन को अपनाएँ, नशे को दूर भगाएँ जैसे प्रेरणादायी नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। इन नारों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को नशे से दूर रहने एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सशक्त संदेश दिया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मनीष साहू, विभागाध्यक्ष, बायोकेमिस्ट्री विभाग एवं डॉ. नागेंद्र, अध्यक्ष, जूनियर चिकित्सक संघ के नेतृत्व में किया गया। आयोजकों ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब देश का युवा नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक हो। ऐसे जनजागरूकता अभियान युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में नशामुक्ति का प्रभावी संदेश प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त जीवन अपनाने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. एस. के. नायक प्रोफेसर एवं मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष ने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय एवं सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में डॉक्टर राकेश जांगडे, डॉक्टर अंकित तिवारी, शंकर्षण गुप्ता एवं अन्य जूनियर डॉक्टर शामिल हुए।

