विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी पर बनाएं पंडाल खुले तार और असुरक्षित कनेक्शन से रहें दूर…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर गणेश उत्सव एवं दुर्गोत्सव को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पूजा पंडालों की तैयारियां तेज हो गई हैं। पंडालों में आकर्षक विद्युत सजावट, लाइटिंग, साउंड सिस्टम और विभिन्न विद्युत उपकरणों का उपयोग किया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए विद्युत सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, बिलासपुर ने गणेश एवं दुर्गोत्सव समितियों, पंडाल संचालकों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि उत्सव के दौरान विद्युत सुरक्षा के सभी आवश्यक नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। पॉवर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि विद्युत सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही भी जान-माल के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
विद्युत लाइनों के नीचे न बनाएं पंडाल
पंडाल का निर्माण विद्युत लाइनों, पोल और अन्य विद्युत उपकरणों से पर्याप्त सुरक्षित दूरी रखते हुए किया जाए। बिजली तारों के नीचे अथवा उनके बेहद करीब पंडाल, झंडे, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग या विज्ञापन सामग्री न लगाएं। पंडाल की ऊंचाई और संरचना ऐसी हो कि उसका कोई भी हिस्सा विद्युत तारों के संपर्क में न आए। विशेष रूप से लोहे के पाइप, धातु के ढांचे और अन्य विद्युत सुचालक सजावटी सामग्री को बिजली लाइनों से दूर रखना जरूरी है। अधिकृत कनेक्शन और सुरक्षित वायरिंग ही करें पंडाल में विद्युत सजावट और अन्य उपकरणों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार ही कनेक्शन लिया जाए। अस्थायी विद्युत कनेक्शन और वायरिंग का काम अधिकृत एवं प्रशिक्षित विद्युत कर्मी से ही कराया जाए। कटे-फटे, खुले, जले अथवा क्षतिग्रस्त तारों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
ओवरलोडिंग से बचें, शॉर्ट सर्किट का खतरा टालें उत्सव के दौरान एक साथ बड़ी संख्या में लाइट, झालर, पंखे, साउंड सिस्टम और अन्य विद्युत उपकरण चलाए जाते हैं। ऐसे में एक ही लाइन या सॉकेट पर क्षमता से अधिक उपकरण न जोड़ें। ओवरलोडिंग से तार गर्म होने, शॉर्ट सर्किट और आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
बारिश और नमी में बरतें अतिरिक्त सावधानी
गणेश एवं दुर्गोत्सव के दौरान बारिश की संभावना बनी रहती है। पानी और नमी विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए तार, प्लग, सॉकेट, एक्सटेंशन बोर्ड और विद्युत उपकरणों को पानी से सुरक्षित रखें। गीले हाथों से विद्युत उपकरण न छुएं तथा भीगे या पानी में डूबे उपकरणों का उपयोग न करें।
सुरक्षा को उत्सव से पहले दें सर्वोच्च प्राथमिकता
बिलासपुर रीजन के कार्यपालक निदेशक ए.के. अम्बस्थ ने सभी गणेश उत्सव एवं दुर्गोत्सव समितियों से अपील की है कि पंडाल निर्माण और विद्युत सजावट में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। आयोजन शुरू होने से पहले पूरी विद्युत व्यवस्था की जांच कराएं तथा किसी भी प्रकार की असुरक्षित वायरिंग या विद्युत कनेक्शन को तत्काल दुरुस्त कराएं।
उन्होंने कहा कि सावधानी, जागरूकता और सुरक्षा नियमों का पालन ही विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के साथ पर्व मनाएं और स्वयं के साथ श्रद्धालुओं तथा आसपास के लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें।

