बिलासपुर-[जनहित]
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में आज नव प्रवेशित एमबीबीएस बैच 2026 के छात्र-छात्राओं के लिए व्हाइट कोट सेरेमनी एवं इंडक्शन डे कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर की गई। दीप प्रज्वलन के पश्चात डॉ. सागरिका प्रधान द्वारा नव प्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने अपने उद्बोधन में सभी नव प्रवेशित छात्रों को जीवन के इस नए अध्याय के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने सिम्स संस्थान के गौरवशाली इतिहास, शैक्षणिक उत्कृष्टता, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे में ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भाव को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी।
तत्पश्चात अधिष्ठाता ने समस्त विभागाध्यक्षों के साथ मिलकर नव प्रवेशित छात्रों को अपने हाथों से व्हाइट कोट पहनाया और उन्हें औपचारिक रूप से चिकित्सा पेशे की गरिमा बनाए रखने की शपथ दिलवाई। इस क्षण पूरे सभागार में उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला।
इसके पश्चात चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि व्हाइट कोट केवल एक परिधान नहीं, बल्कि यह त्याग, समर्पण, करुणा और विश्वास का प्रतीक है। इसे धारण करने के साथ ही मरीजों के प्रति मानवीय संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने छात्रों को सफेद कोट की गरिमा को जीवनभर बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का समापन मेडिकल एजुकेशन यूनिट के समन्वयक डॉ. केशव कश्यप के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. भूपेन्द्र कश्यप, डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. हेमलता ठाकुर, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. आरती पांडे, डॉ. शिक्षा जांगड़े, डॉ. समीर जैन, डॉ. साधना बागड़े, डॉ. श्रेया तोड़ी सहित समस्त विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अभिभावक गण उपस्थित रहे।

