फेसबुक पर हुई दोस्ती से शुरू हुआ खेल जमीन विवाद सुलझाने के बहाने जीता भरोसा फिर रकम वापस मांगने पर महिला संबंधी झूठे केस में फंसाने की धमकी…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर राष्ट्रीय पार्टी में बड़ा पद दिलाने और पार्टी फंड के नाम पर 82 लाख 63 हजार 194 रुपए की कथित ठगी के मामले में सरकंडा पुलिस ने एक शातिर महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले फेसबुक के जरिए प्रार्थी से संपर्क बढ़ाया, फिर बड़े नेताओं से करीबी संबंध होने का दावा कर उसका भरोसा जीता और देखते ही देखते उसे राजनीति में ऊंचा पद दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर धमकी और ब्लैकमेलिंग का सहारा लिया गया।
पुलिस ने आरोपी निखत परवीन शाबरी उर्फ निकहत शाबरी उर्फ निक्की, पिता अल्ताफ अली शाबरी, निवासी खोंगापानी, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ भरोसे का खेल
सरकंडा पुलिस के अनुसार प्रार्थी चेतन आनंद दुबे, निवासी विहार, सरकंडा, की वर्ष 2025 में फेसबुक के माध्यम से निखत परवीन शाबरी से पहचान हुई थी। आरोपी महिला ने कथित तौर पर खुद को राष्ट्रीय पार्टी से जुड़ा कार्यकर्ता बताया और केंद्र व राज्य के बड़े नेताओं से करीबी संपर्क होने का दावा किया।
बताया गया है कि प्रार्थी के जमीन विवाद को सुलझाने का भरोसा दिलाकर आरोपी ने पहले उसका विश्वास हासिल किया। इसके बाद प्रार्थी की बेरोजगारी और राजनीति में रुचि को भांपते हुए उसे राष्ट्रीय पार्टी में बड़ा पद और पार्टी में ज्वाइनिंग दिलाने का लालच दिया गया।
पार्टी फंड और कागजी प्रक्रिया के नाम पर 82.63 लाख…!
पुलिस के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने पार्टी फंड और कथित कागजी प्रक्रिया के नाम पर प्रार्थी से रकम लेना शुरू किया। प्रार्थी के अलावा उसके परिचितों सतीश अग्रहरी, अंकित पाण्डेय और डॉ. गायत्री गुप्ता के बैंक खातों के माध्यम से तथा नगद मिलाकर कुल 82,63,194 लिए जाने का आरोप है।
लंबी रकम लेने के बावजूद जब न पद मिला और न ही कथित प्रक्रिया आगे बढ़ी, तब प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की।
रकम मांगी तो केस में फंसा दूंगी
की धमकी..!
पुलिस के अनुसार रकम वापस मांगने और पद के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी ने कथित तौर पर प्रार्थी को धमकाया। आरोप है कि उसने कहा कि जमा किया गया पैसा वापस नहीं मिलेगा और बार-बार फोन कर परेशान करने पर उसे महिला संबंधी झूठे मामलों में फंसा देने की धमकी दी। इस कथित धमकी के बाद प्रार्थी ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मनेंद्रगढ़ पहुंची पुलिस टीम घर से दबोची गई आरोपी-:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सरकंडा थाने में अपराध क्रमांक 1376/2026, धारा 318(4), 119(1) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम को आरोपी की तलाश में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के झगराखांड/खोंगापानी रवाना किया गया।
स्थानीय पुलिस और गवाहों की मदद से पुलिस ने आरोपी को उसके निवास स्थान से अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन आधार कार्ड तथा प्रार्थी के दस्तावेज और बायोडाटा बरामद किए गए हैं।
पुराना भी है आपराधिक रिकॉर्ड:-
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान आरोपी महिला का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में पूर्व से प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
थाना झगराखांड में अपराध क्रमांक 219/23 धारा 294, 34, 341 भादवि; अपराध क्रमांक 70/2023 धारा 384 भादवि; अपराध क्रमांक 216/23 एवं 146/23 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(1) तथा थाना सिविल लाइन रायपुर में अपराध क्रमांक 358/2021 धारा 384 भादवि के तहत मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य मिलने पर प्रकरण में धारा 119(1) BNS जोड़ी गई और उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस की अपील:-
पद और पहुंच के नाम पर पैसे देने से बचें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि राजनीतिक पद, बड़े नेताओं से संपर्क, सरकारी काम कराने या किसी संस्था में ऊंची नियुक्ति दिलाने का लालच देने वाले लोगों के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग किए जाने पर उसकी सत्यता की जांच करें और ठगी या धमकी की आशंका होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें।

