कलेक्ट्रेट घेरा मुख्य निर्वाचन आयुक्त
ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] कथित वोट चोरी और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी विरोध सोमवार को बिलासपुर में भी जोरदार तरीके से देखने को मिला। जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया तथा काले गुब्बारे छोड़कर विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद की। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई एवं गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई। कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेटों तक विरोध मार्च का आह्वान किया था।
पुतला दहन के दौरान पुलिस से हुई छीना-झपटी-:
कलेक्ट्रेट परिसर के सामने प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला जलाया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच छीना-झपटी की स्थिति भी बनी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने काले गुब्बारे आसमान में छोड़कर विरोध जताया। स्थानीय रिपोर्टों में भी पुतला दहन और पुलिस-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई छीना-झपटी का उल्लेख किया गया है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन:-
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई एवं गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में दावा किया कि पिछले करीब 10 महीनों के दौरान निर्वाचन आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराईं। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं।
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी निर्वाचन आयुक्त हैं।
कांग्रेस ने चुनावी तंत्र पर उठाए सवाल:-
कांग्रेस का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में निर्णय प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं और चुनावी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में कथित तौर पर एक व्यक्ति के नियंत्रण की स्थिति बनने तथा राज्य स्तर के अधिकारियों को दरकिनार किए जाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

निर्वाचन आयोग अपनी आधिकारिक स्थिति में कहता रहा है कि चुनाव कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार कराए जाते हैं तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। फरवरी 2026 में आयोग ने भी अधिकारियों को कानून एवं आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव कराने और स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने को कहा था।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान:-
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने, गिरफ्तारी और संबंधित मामलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। बिलासपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस का यह प्रदर्शन उसके देशव्यापी विरोध कार्यक्रम की स्थानीय कड़ी रहा।

