प्रदेश के 9 जिलों में 45 लोगों को बनाया शिकार नकदी समेत कार स्कूटी और मोबाइल जब्त…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
च्वाइस सेंटर संचालकों को फोन-पे से लेन-देन का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को रेंज साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रदेश के नौ जिलों में करीब 45 लोगों को निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम 20 से 25 लाख रुपये के बीच है। आरोपियों से 1.02 लाख रुपये नकद, एक बलेनो कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
क्यूआर कोड की तस्वीर लेकर करते थे ठगी
मामले का खुलासा बिलासपुर के लक्ष्मी च्वाइस सेंटर संचालक देवेंद्र रजक की शिकायत के बाद हुआ। 5 अक्टूबर 2026 को एक व्यक्ति बलेनो कार से सेंटर पहुंचा और फोन-पे से रकम ट्रांसफर करने के बदले नकदी देने की बात कही। संचालक की सहमति के बाद उसने क्यूआर कोड की तस्वीर अपने मोबाइल में ली। इसके बाद 16 हजार रुपये का लेन-देन हुआ और संचालक ने बदले में नकदी दे दी।
अगले दिन बैंक खाते पर होल्ड लगने के बाद संचालक को साइबर फ्रॉड का पता चला। जांच में सामने आया कि आरोपी क्यूआर कोड की तस्वीर अपने साथी को भेजता था। साथी उस कोड के जरिए रकम ट्रांसफर करता और पहला आरोपी संचालक से नकदी लेकर निकल जाता था। बाद में साइबर ठगी से जुड़ी रकम आने के कारण संचालकों के बैंक खाते होल्ड हो जाते थे।
दोबारा वारदात की कोशिश में पकड़ाया आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी अंकित आहूजा हिर्री और बिल्हा क्षेत्र में फिर वारदात करने की कोशिश में था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने साथी आशीष केवटवानी के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों ने बिलासपुर के अलावा रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती और दुर्ग जिले के च्वाइस सेंटर संचालकों को निशाना बनाया। अब तक करीब 45 पीड़ितों की शिकायत सामने आई है।
सामान जब्त-:
पुलिस ने आरोपियों से 1 लाख 2 हजार रुपये नकद, एक बलेनो कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक अशोक कश्यप और आरक्षक दीपक उपाध्याय व दीपक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपी: अंकित आहूजा (32), निवासी कमल विहार, रायपुर और आशीष केवटवानी (32), निवासी महावीर नगर, रायपुर।

