मुंगेली पुलिस ने सुलझाया अंधेकत्ल का मामला पांच आरोपी गिरफ्तार…
साक्ष्य मिटाने की कोशिश…आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] पंचायत चुनाव में मिली हार की रंजिश किस हद तक खूनी रूप ले सकती है, इसका सनसनीखेज उदाहरण मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में सामने आया है। वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में महज 8-9 वोटों से हारने के बाद मतगणना में गड़बड़ी का संदेह पाल बैठे मुख्य आरोपी ने इसी खुन्नस में तुलसी साहू की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली। हत्या को अंजाम देने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में अपहरण की सुपारी दी गई। पहले तुलसी का अपहरण किया गया, फिर पंप हाउस में बंधक बनाकर जबरन स्टाम्प पेपर पर कथित चुनावी गड़बड़ी स्वीकार करवाने का प्रयास किया गया और अंततः बिजली के तार से पैर बांधकर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। शव को कीचड़ और झाड़ियों में छिपाकर आरोपी साक्ष्य मिटाने में जुट गए।
मुंगेली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की सूचना और गहन विवेचना के आधार पर इस अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दो किलोमीटर दूर मिली बाइक, 700 मीटर आगे कीचड़ में मिला शव-:
घटना का खुलासा 26 अक्टूबर को तब हुआ, जब चंदन साहू निवासी नगर पंचायत मारो ने सरगांव थाने में तुलसी साहू के लापता होने की सूचना दी। तुलसी 25 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे घर से अपनी दीदी के घर सरगांव जाने के लिए निकला था। वहां से उसे अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन न वह घर पहुंचा और न ही दीदी के घर। उसका मोबाइल भी बंद था।

परिजनों ने तलाश शुरू की तो तुलसी की मोटरसाइकिल क्रमांक CG 28 P 5824 ग्राम पेण्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। इसके बाद खोजबीन के दौरान गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में कांटेदार झाड़ियों के बीच उसका शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में गला घोंटकर हत्या किए जाने तथा दोनों पैरों को पीले बिजली के तार से बांधने की पुष्टि हुई। इसके बाद थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
8-9 वोटों से हारने की खुन्नस, तुलसी को माना हार का जिम्मेदार-:
पुलिस की विवेचना में हत्या की वजह वर्ष 2025 का सरपंच चुनाव सामने आया। ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू चुनाव में महज 8-9 वोटों से हार गया था। झुलुराम वर्मा चुनाव जीतकर सरपंच बने थे और मृतक तुलसी साहू उनके मतगणना अभिकर्ता के रूप में काम कर रहा था। धनीराम को संदेह था कि तुलसी ने मतगणना के दौरान जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए, जिसके कारण उसे हार का सामना करना पड़ा।
इसी संदेह ने धनीराम के मन में तुलसी के प्रति रंजिश पैदा कर दी। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साले भुवन साहू को साथ लेकर हत्या की योजना बनाई। इसके लिए ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया गया। तुलसी का अपहरण कर उसे धनीराम तक पहुंचाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें से 70 हजार रुपये अग्रिम दिए गए।
कार में जबरन बैठाकर किया अपहरण, पंप हाउस में रची गई मौत की पटकथा-:
पुलिस के अनुसार 25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी, बिलासपुर और तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार क्रमांक CG 10 CE 2075 से ग्राम पेण्ड्री ‘स’ पहुंचा। रात करीब 7 बजे तुलसी साहू मोटरसाइकिल से घर से निकला तो आरोपियों ने उसका पीछा किया। जय भोलेनाथ राइस मिल से करीब 100 मीटर पहले सुनसान रास्ते पर उसकी मोटरसाइकिल रुकवाकर उसे जबरन कार में बैठा लिया।
इसके बाद धनीराम और उसका साला भुवन भी आरोपियों के संपर्क में आए। सभी मनियारी, सरगांव के पास मिले। धनीराम और भुवन मोटरसाइकिल से आगे चले, जबकि सुरेंद्र और उसके साथी तुलसी को कार में लेकर पीछे पहुंचे। ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में टीकाराम साहू के ट्यूबवेल के पास तुलसी और उसका मोबाइल धनीराम के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक धनीराम के पास ट्यूबवेल की चाबी थी। वह भुवन के साथ तुलसी को पंप हाउस के भीतर ले गया। वहां उसे डराया-धमकाया गया और 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर चुनाव में कथित गड़बड़ी स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र लिखवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भुवन के मोबाइल से बनाया गया।
इसके बाद दोनों ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से तुलसी के पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
शव को घसीटकर कीचड़ में फेंका, कपड़े और मोबाइल भी छिपाए
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया गया। इसके बाद तीनों ने मिलकर शव को घसीटते हुए मोटरसाइकिल तक पहुंचाया और गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में फेंककर झाड़ियों से ढक दिया।
पुलिस के अनुसार धनीराम ने मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपाया, जबकि मोबाइल फोन राकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया। घटना में इस्तेमाल गमछे को जलाकर नष्ट करने का भी प्रयास किया गया। इस तरह आरोपी हत्या के सुराग मिटाने में जुटे रहे, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और विवेचना के सामने उनकी साजिश बेनकाब हो गई।

पांच आरोपी गिरफ्तार, कार से लेकर हत्या के साक्ष्य तक जब्त-:
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनीराम साहू, भुवन साहू, ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत, सुरेंद्र जोशी और टीकाराम साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य छिपाने के साथ अपहरण एवं आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, स्टाम्प पर लिखते हुए बनाया गया वीडियो, मोटरसाइकिल, निशान कार और सुपारी की रकम में से शेष 10 हजार रुपये जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में धनीराम साहू (40), भुवन साहू (28), ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25), सुरेंद्र जोशी (25) और टीकाराम साहू (53) शामिल हैं। सभी को 30 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और आगे की विवेचना जारी है।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में इस पूरे मामले की जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण और उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में थाना सरगांव एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

अंधेकत्ल जैसे गंभीर मामले का सफल खुलासा करने पर आईजी रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक यादव, प्र.उपनिरीक्षक नवनीत नावेलकर, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, सउनि निर्मल घोष, धर्मेंद्र शर्मा सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एक चुनावी हार का बदला लेने के लिए रची गई यह खूनी साजिश अब बेनकाब हो चुकी है। महज कुछ वोटों की हार से उपजी रंजिश ने एक परिवार को उजाड़ दिया और पांच लोग सलाखों के पीछे पहुंच गए।

