चलती ट्रेन में विकलांग युवक की मदद के बजाय हाथ पकड़कर सीट से उठाया !
30 दिसंबर 2021
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर
कहते है नर सेवा ही नारायण सेवा यदि उसके ठीक विपरीत कोई व्यक्ति जाता है तो आम भाषा मे उसे स्वार्थी ही कहा जाता है और इसीलिए ही समाज हित मे कई ऐसी संस्थाए भी काम कर रही है जिनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ समाज हित में लाचार एवं असहाय लोगों की मदद करना ही है और यदि ऐसी ही संस्था के कोई राष्ट्रीय पदाधिकारी एक विकलांग की मदद करने की वजह उस से दुर्व्यवहार कर अपनी छोटी मानसिकता का परिचय देते हैं तो यह विषय वाकई गंभीर है आज ऐसी ही बेहद ही विचलित करने वाली जानकारी मिली जो कि मानवता को शर्मसार करती है मामला 28 दिसंबर की रात संपर्क क्रांति ट्रेन में हुई घटना का है।
हुआ यूं कि दिल्ली से 28 दिसंबर को छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति ट्रेन में स्पाईनल इंज्यूरी के युवक राहुल अग्रवाल जिनकी AC2 टियर में 10 व 12 नंबर की सीट थी व मदन मोहन अग्रवाल व उनके एक अन्य साथी की 7 एवं 9 नम्बर थी।व्हील चेयर पर रहने वाले राहुल ने निवेदन किया कि उसका आपरेशन हुआ है तथा कमर से नीचे का भाग सेन्सलेस है और उसे लोवर बर्थ पर रहने दे।लेकिन मदन मोहन अग्रवाल उखड़ गए और विकलांग युवक को सीट से उठवा कर ही माने।जबकि रात 10 बजे तक तो नीचे की बर्थ दोनो की आधी-आधी ही थी।लेकिन अपनी हठधर्मिता और संकीर्ण मानसिकता के बीच अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी की इस अमानवीय मानसिकता पर लेकर ट्रेन में सवारअन्य लोगो ने नाराजगी जाहिर की लेकिन फिर भी महाशय जी का दिल नही पसीजा और अपने ऊंचे ओहदे का रुतबा दिखाते हुए बस अपनी हठधर्मिता पर अड़े रहे
जबकि अन्य दूसरे यात्रियों ने युवक को अपनी बर्थ ऑफर की।
विकलांग सेवा के नाम पर एक विकलांग के साथ सफर में उनका अमानवीय व्यवहार चहु ओर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगो ने इस मामले में चेतना परिषद के पदाधिकारी की कड़े शब्दों में तीखी आलोचना की है इस घटना पर आज दिन भर नगर में विकलांग चेतना मंच के पदाधिकारी मदन मोहन अग्रवाल के इस अमानवीय कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की गई तथा
चहुँ ओर ऐसे समाज सेवी को पद से तत्काल हटा देने की चर्चा भी चलती रही अब यहाँ देखने वाली बात यह है कि समाज सेवा के नाम पर अपनी दुकान चलाने वालों की आखिर कब पहचान होगी जो कि सफेद चोला ओढे इंसानियत की सारी हदें पार कर देते है शायद इस घटना के बाद ही उनकी आंखें खुल जाए औऱ भविष्य में वे दोबारा भूल कर भी किसी मजबूर असहाय व्यक्ति से ऐसा व्यवहार न करें भगवान उन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें।


