डॉक्टर विजय कुमार कुर्रे की हठकर्मी से विवादित हो रहा मामला
वंदना हॉस्पिटल के एमडी डॉ उइके के मरीजो को भगाया जा रहा आखिर
क्या है मामला !
28 मार्च 2022
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर हम सभी यह भली भांती जानते हैं कि.. डॉक्टर्स को धरती का भगवान कहा जाता है और सचमुच ही यह बात उस समय चरितार्थ होती दिखाई देती है जब कोई डॉक्टर किसी मरते हुए मरीज को अपने इलाज की दक्षता फलस्वरूप उसे जीवन दान देता है तब नि:सन्देह ही वह भगवान तुल्य हो जाते हैं। पर यदि वही डॉक्टर्स अपने वर्चस्व की लड़ाई में आपस में अनर्गल बयानबाजी और स्तरहीन कृत्य करते हुए पर उन मरीजों की जीन्दगी को नजर अंदाज कर दें तो फिर पूरे समाज मे आखिर क्या संदेश जाएगा

यहाँ आपको बताते चले कि वंदना मल्टीस्पेशलिट हॉस्पिटल में विगत दिनों से जो आपसी विवाद चल रहा है वो अब चरम सीमा पार कर चुका है ज्ञात हो कि वंदना मल्टीस्पेशलिट हॉस्पिटल तीन डॉक्टर्स की पार्टनर शिप में किराए के भवन में संचालित हो रहा था जिसमे डॉक्टर चंद्रशेखर उइके, डॉक्टर विजय कुमार कुर्रे व डॉक्टर राजेश्वरी उद्देश्य है।

ये तीनो डॉक्टर्स अलग-अलग स्पेशलिटी के तहत इस हॉस्पिटल में मरीजो का इलाज करते है लेकिन कुछ दिन पूर्व इन तीनों डॉक्टर्स में से एक डॉ उइके से आपसी विवाद उत्पन्न हुआ और नतीजा ये हुआ कि
दो पार्टनर द्वारा डॉ उइके पर कीचड़ उछालने का काम बाकी के दो डॉ कर रहे है उसके बाद फिर अब ये नया कृत्य कर
डॉक्टर चंद्रशेखर उइके के मरीजो को बेवजह दिग्भ्रमित कर ये कहा जा रहा है कि डॉ उइके अब यहाँ उपलब्ध नही है जो कि पार्टनरशिप के विरुद्ध है।
यदि आपका आपसी कुछ विवाद है तो फिर इस तरह समूचे डॉ बिरादरी को क्यो बदनाम करते हुए मरीजो को इस तरह से मिसगाइड किया जा रहा है।

आज डॉ उइके ने अपने अन्य दो पार्टनरों पर
गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि
न्यूरो सर्जन डॉ. विजय कुर्रे और राजेश्वरी सिद्ध द्वारा उनके मरीजों को भगाने का काम किया जा रहा है.. हैरत की बात यह है कि.. वंदना हॉस्पिटल के स्टाफ भी इस बात को स्वीकार कर रहे है और इतना ही नहीं जब उसी हॉस्पिटल की स्पेसलिस्ट

डॉक्टर राजेश्वरी भी गोल मोल जवाब देकर अपनी ही बातों में उलझती नज़र आ रही है.. लेकिन डॉक्टर विजय कुर्रे आरोपों को नकारते नज़र आते है।

इसके साथ ही वंदना हॉस्पिटल के भवन मालिक संजय जैन भी डॉक्टर विजय कुर्रे के खिलाफ जबर्दस्ती भवन पर कब्जा करने का आरोप लगा रहे है। इससे पहले संजय जैन के साथ हुए मारपीट को भी उन्होंने विजय कुर्रे और उनके साथियों की साजिश बताई थी.. अब आलम यह है कि.. वंदना हॉस्पिटल, हॉस्पिटल कम अखाड़ा ज्यादा नज़र आ रहा है.. जबकि पार्टनरशिप की डील जो सिर्फ दो डॉक्टर्स द्वारा तीसरे पार्टनर डॉ उइके को असंवेधानिक तरीके से निरस्त करने की बात कही जा रही है।
बहराल यह वर्चस्व की लड़ाई में एक दूसरे को पटखनी देने की कोशिश निरंतर जारी है.. लेकिन इन सब के बीच चन्द्रशेखर उइके से मिलने आने वाले मरीजों को भगाना सन्देह पैदा करता है कि.. भले ही आपसी लड़ाई क्यों न हो मरीजो को गुमराह कर भटकने के लिये कैसे छोड़ा जा सकता है.. क्या कहीं और भगाकर या गुमराह कर चन्द्रशेखर उइके के मरीजों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है..?

इतना ही नहीं हॉस्पिटल की लड़ाई को कुछ लोगो द्वारा धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद पुलिस के लिए भी यह मामला सिरदर्द बन गया था क्योंकि भवन मालिक ने तीन महीने का अल्टीमेटम दिया था और जब वह समय खत्म होने को आया है शायद यही बात बाकी के दो पार्टनर डॉक्टर्स को नागवार गुजर रही है तभी ये सब ड्रामा कर उनके द्वारा
बेवजह विवाद उत्पन्न किया जा रहा है।
यहाँ थोड़ा फ्लेशबैक की भी पुख्ता जानकारी के अनुसार भी बताते चले कि
भवन मालिक अधिकार से अपने भवन को बंद करने गया था लेकिन अचानक मौके पर पहुंची भीड़ ने भवन मालिक संजय जैन को बुरी तरह से पीट दिया गया था आज भी आखिर सवाल उठता है कि.. क्या वह घटना सुनियोजित थी या फिर यह एक घटना मात्र थी। विश्वसनीय
सूत्रों की माने तो हवा में एक बात उड़ रही है कि उस अस्पताल में एक ऐसा डॉक्टर भी है जिसके लिये सामाजिक संगठन से जुड़े लोग पूरी नजर रखे हुए है और अब तैयारी ये भी है कि उस डॉ के इशारे पर किसी भी प्रकार का बवंडर मचाने सदैव एक तबके के कुछ तथाकथिक लोग एक पैर पर तैयार खड़े रहते हैं।

