कांग्रेस पार्षदों को चुभने लगी अपनी ही शहरी सरकार निगम दफ्तर का घेराव और मटका फोड़ प्रतियोगिता
09 मई 2022
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
(मनोज राज)
बिलासपुर। बमुश्किल प्रदेश से लेकर शहरी सत्ता में काबिज हुई कांग्रेस में अंतर्कलह की संस्कृति फिर बहाल हो गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव खुलकर कह रहे हैं कि जनघोषणा पत्र में किये गए वादे पूरे नहीं किये तो मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। भाजपा की प्रदेश प्रभारी दुर्गावती पुरंदेश्वरी उनका हवाला देते हुए कह रही हैं कि जो बात हम पहले से कह रहे हैं वह स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनता को गुमराह कर रहे हैं और इधर बिलासपुर में कांग्रेस की शहरी सत्ता में एक बार फिर उठापटक शुरू हो गई है। बिलासपुर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल शुरू से ही दोफाड़ रहा है। अब यहां अपनी ही शहरी सरकार के खिलाफ मटका फोड़ प्रतियोगिता शुरू हो गई है। शहर के कई मोहल्ले में पानी का गंभीर संकट है । जनता को दो वक्त निस्तार के लिए तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। गर्मी से पहले जल आपूर्ति को लेकर होने वाली मैराथन बैठकों की हकीकत सामने आ गई है। पिछले 6 महीने से पानी की समस्या से परेशान लोग निगम दफ्तर में खाली मटके फोड़कर आक्रोश जता रहे हैं। विपक्ष ऐसे प्रदर्शन करे तो उसे राजनीति करार दिया जा सकता है लेकिन जब कांग्रेस के ही पार्षद ऐसा करें तो क्या कहा जाय?

शहर के वार्ड क्रमांक 25 ताला पारा के लोग पानी की समस्या से काफी परेशान हैं। इससे पहले चक्काजाम तक कर चुके वार्ड वासियों को पानी के बदले हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। आज भी दोपहर करीब 12 बजे वार्ड के लोग खाली घड़े लेकर निगम कमिश्नर के कार्यलय का घेराव करने पहुँचे। वार्ड के कांग्रेसी पार्षद रामा बघेल की अगुवाई में पहुँचे लोग काफी ज्यादा आक्रोशित थे। शोर शराबे के बीच उनकी यही मांग थी कि जनता को पानी मिले।

काफी देर तक हंगामा करने के बाद महिलाओं की जब महापौर और निगम कमिश्नर से मुलाक़ात नहीं हुई तब महिलाओं ने निगम दफ्तर में घड़ा फोड़कर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि निगम कमिश्नर अजय त्रिपाठी देवरीखुर्द में जल संकट की समस्या सुलझाने गए हुए थे। महिलाओं का कहना है कि भीषण गर्मी में नगरनिगम पानी नहीं दे रहा है। वार्ड के कांग्रेस पार्षद का आरोप है कि कमिश्नर समस्या का समाधान नहीं करते। यही वजह है कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

कांग्रेस पार्षद और वार्ड के लोग निगम दफ्तर का घेराव कर प्रदर्शन करते रहे। नाराज महिलाएं निगम परिसर में खाली मटके फोड़ती रहीं लेकिन निगम का कोई भी जिम्मेदार अफसर उनसे मिलने नहीं पहुंचा। आज इस महंगाई के दौर में पचास रुपये से कम में मटका नहीं मिलता। समझा जा सकता है कि पानी के लिए मोहताज महिलाएं कितनी त्रस्त होंगी और यह भी समझा जा सकता है कि उन्हें फोड़ने के लिए मटके कैसे हासिल हुए होंगे।

