13 नवंबर 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] डॉक्टर सी. वी. रामन विश्वविद्यालय पर सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा “सतत विकास लक्ष्य और युवा” पर ई संगोष्ठी।
डॉक्टर सी. वी. रामन विश्वविद्यालय कोटा पर सामाजिक विज्ञान (समाजशास्त्र व समाज कार्य ) विभाग द्वारा “सतत विकास लक्ष्य और युवा” पर ई संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिस पर अतिथि वक्ताओं के द्वारा विषय पर विस्तृत रूप से चर्चा कर जानकारी दिया गया।
12 नवंबर शनिवार को दोपहर 3:00 बजे उक्त विश्वविद्यालय पर ई संगोष्ठी का आयोजन किया गया जो गूगल मीट पर संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में प्रियंका कपूर, सलाहकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राजस्थान ने बच्चों को गूड टच बेड टच के बारे में जागरुक किया। साथ हि विक्रम सिंह राघव ( SDG सलाहकार, UNICEF – ARAVALI ) भी शामिल हुए। उन्होंने सर्वप्रथम गूगल मीट पर उपस्थित शिक्षक छात्र छात्राओं को सम्मान पूर्वक नमस्कार किया। उसको बाद उन्होंने कहा कि “सतत विकास लक्ष्य” को बारीकी से जानने के लिए उस से जुड़ना पड़ेगा। बताया जाता है कि वर्ष 2002 में जब मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स बनाया गया और लक्ष्यों का निर्धारण किया गया। जिसमें 8 लक्ष्य प्रमुख रूप से शामिल किया गया था।
(1) अत्यधिक गरीब और भूख को मिटाने के लिए कार्य योजना (2)सार्वभौमिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए कार्य योजना (3)लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योजना (4)बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए (5)एचआईवी एड्स मलेरिया और अन्य बीमारियों का मुकाबला करने के लिए(6)पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए (7)विकास के लिए एक वैश्विक साझेदारी विकसित करने के लिए (8)मातृ स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए कार्य योजना बनाया गया।
जब इन सभी लक्ष्यों का निर्धारण किया गया तब विकासशील देशों ने कहा कि हमें इसकी आवश्यकता नहीं है। हम पहले ही विकसित देश है। लेकिन उनका या तथ्य गलत साबित हुआ जिसके बाद वर्ष 2015 में सर्व सहमति से मिलेनियम शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सभी विकसित देशों ने भी हिस्सा लिया और प्रोजेक्ट पर कार्य करने का निर्णय लिया। निर्धारित लक्ष्य पर कार्य करने के दौरान पाया गया कि किसी भी समस्या को तत्कालीन खत्म करने के बजाय उसके जड़ को खत्म किया जाए जैसे कि गरीबी और भूख को मिटाने के लिए उसके जड़ को समझना होगा कि यदि कोई व्यक्ति भूखा है तो हो सकता है कि वह व्यक्ति काम ही ना करता हो या फिर उसके घर पर कोई बीमार रहता हो, यह भी हो सकता है कि वह काम ही ना करना चाहता हूं। इसलिए किसी भी समस्या का समाधान को करने के लिए उसके जड़ पर काम करना होगा तभी लक्ष्यों का निर्धारण पूर्ण हो सकता है। उक्त सतत विकास लक्ष्य और युवा के संगोष्ठी पर डॉ रिचा यादव प्रोफेसर, डॉ रीना तिवारी सहायक प्रोफेसर (डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय कोटा), इतिहास शाखा से डॉ राम रतन साहु , डा मंजू साहु ,डा अंजु तीवारी ,राजनीति शाखा डा संध्या जैसवाल ,रेनू शरन ,लाईब्रेरी इनफार्मेशन से डा. नीधी गुप्ता और अन्य विभाग से प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापको कि उपस्थिति रही साथ हि ईश्वर मोहल्ले, प्रीति चंद्राकर, संतोष साहू, रामनाथ यादव एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।


