भारतीय बौद्ध महासभा धम्म चक परिवर्तन महोत्सव आयोजित
21 अक्टूबर 2023
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] डाॅ. आम्बेडकर
ने परम्परावादी मूल्यों से नाता तोड़कर
बुद्ध के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दलितों को अवगत कराकर उनके जीवन में आमूल परिवर्तन मार्ग दिखाया। प्रमुख वक्ता निरज भाई पटेल लखनऊ।
बौद्ध विहारों में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही उसे शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसीत करना चाहिए शंकर राव ढेंगरे राष्ट्रीय महासचिव भारतीय बौद्ध महासभा नागपुर।
कार्यक्रम में सर्व प्रथम प्रमुख वक्ता निरज
भाई पटेल, मुख्य अतिथि एस.आर.कांडे, अध्यक्षता शंकर राव ढेंगरे, व पूज्य भंते बुद्धघोष बोधी द्वारा तथागत भगवान गौतम बुद्ध के साथ ही सभी बहुजन महापुरूषों के छाया चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही दिप प्रज्जवलन व वंदन किया गया साथ ही स्वागतगीत व स्वागत डांस के साथ ही कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। एवं सभी सम्मानिय अतिथियों को पंचशील का मफलर पहनाकर उनका स्वागत किया।
भारतीय बौद्ध महासभा जिला शाखा बिलासपुर द्वारा आयोजित
प्रातीय स्तर का धम्म चक परिवर्तन महोत्सव
कार्यक्रम डाॅ आम्बेडकर प्रतिमा स्थल जी.डी.सी काॅलेज बिलासपुर छ.ग. में सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए लखनऊ उत्तर प्रदेश से आए प्रमुख वक्ता नीरज भाई पटेल सम्पादक नेशनल जनमत इंण्डिया ने कहा कि चक्रवर्ती राजा सम्राट अशोक के बाद यदि किसी कारण बड़े पैमाने पर 14 अक्टूबर 1956 को धर्मांतरण हुआ वे बाबा साहेब ही एक महापुरूष हैं। उन्होने ही भारत में लुप्त प्रायः हो चुके बौद्ध धम्म को पूर्णः स्थापित किया।

कार्यक्रम का संचालन श्वेता गेडाम, सुजाता वाहने, सरोज हुमने, पूजा लोकेश उके, वर्षा गजभिये एव राजेश हुमने द्वारा किया गया।
आभार प्रदर्शन भारतीय बौद्ध महासभा के प्रांतिय महासचिव भोजराज गोरखेड़े जी द्वारा किया गया। जिसमें सैकड़ों की सँख्या में प्रमुख रूप से अनुराधा बोरकर, हेमा रामटेके, लक्षमी वाहने उजाला चन्द्रिकापुरे गीता उके, नीता हुमने, रूपा मेश्राम, सीमा मेश्राम, दीपा मेश्राम, अंजना बोरकर, उषा वाहने, विमल रंगारी, शीतल रामटेके, किरण महाजन, चंदा नंदा गौरी, अनिता उके, प्रेरणा उके, मोनिका हुमने, रसीला नंदेशवर, रितू वाहने, शांता बाई, गीता पटेल, जय शीला जामबुलकर, धनवन्ता जामबुलकर, शीला नंदेशवर, यु माला बोदले, कल्पना सेन्डे, पदमा डोंगरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
लाखों अछूतों ने बाबा साहेब पर विश्वास रखकर एक क्षण में अपने पुराने हिन्दू धर्म की सभी धारणा और कुरितियों को त्यागकर बौद्ध धम्म अपना लिया व नई बौद्ध संस्कृति में दीक्षा डाॅ. आम्बेडकर परम्परावादी मूल्यों से नाता तोड़कर बुद्ध के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दलितों को अवगत कराकर उनके जीवन मे आमूल परिवर्तन मार्ग दिखाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एस.आर.कांडे राष्ट्रीय ट्रस्टी भारतीय बौद्ध महासभा ने कहा कि भारतीय बौद्ध महासभा का निर्माण डाॅ. बाबा साहब अम्बेडकर जी ने किया वर्तमान में देश के 25 राज्यों में भारतीय बौद्ध महासभा कार्यरत है। इसी संस्था के माध्यम से भारत को बौद्ध मय बनाने का सपना अम्बेडकर जी ने देखा था उसे हम सभी लोगों के सामूहिक प्रयास से पूरा किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शंकर राव ढेंगरे ने कहा कि बौद्ध
विहारों में अब धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भी शिक्षा के क्षेत्र में खेल के क्षेत्र में संगीत के क्षेत्र में भी बौद्ध विहारों
को विकसित करने का अहवाहन किया। जिससे कि अच्छी से अच्छी समाजिक प्रतिभाएं निकल सके।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे प्रमुख रूप से भीम राव कामले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा, पूजनीय भंते बुद्धघोष बोधी प्रज्ञा बौद्ध प्रांतीय उपाध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा व प्रदेश अध्यक्ष महिला सशक्तिकरण संघ ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एस.आर.काडे को सारंग राव हुमने, महेश चन्द्रीकापुरे, प्रफुल गेडाम, जितेन्द्र भावे, सुबोध रंगारी, मुधकर वासनीय, संतोष खोबरागड़े, कैलाश गजभीये अजय नागले, कुन्दन मेश्राम द्वारा स्मृति चिन्ह् भेंट कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता निरज भाई पटेल को डाॅ. साधना टेमुर्णीकर, शोभा उके, उर्मिला टेमुर्णीकर, उषा वाहेन हर्शिला भावे, अनिता खोबरागड़े, मिनाक्षी बाम्बोर्डे, सरिता कामड़े, अनीता लाहोत्रे, तरूणा नागले, सुनिता ओंडकार द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे शंकर राव ढेंगरे को अविनाश नागदौने, कपिल डोंगरे, मयंक मेश्राम, सूर्यकान्त भालाधरे, बसंत ओंडकार विनय नायक द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव कामले व विशिष्ट अतिथि आयुष्मति प्रज्ञा बौद्ध, विशिष्ट अतिथि माननीय भंते बुद्धघोष, सी.एल.महेश्वरी, भोजराज गोरखेड़े, सारंग राव हुमने, महेश चन्द्रिकापुरे, प्रफुल गेडाम, संजय शेन्दे्रे, योगेश रावत, संदिप डोंगरे को राजेश हुमने , सुबोध रंगारी, संतोष खेब्रागड़े, कुंदन मेश्राम, कैलाश गजभिये द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
भारतीय बौद्ध महासभा के पूर्व पदाधिकारियों का सम्मान में प्रमुख रूप से सुदामा मेश्राम, शंकर मेश्राम, हरिचरण रामटेके, नारायण राव हुमने, अशोक वाहने, हरिश वाहने, सुखनंदन मेश्राम, अशोक ठाकरे, मगन गेडाम जी का शाॅल पहनाकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एस.आर.कांडे जी द्वारा सम्मान किया गया।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे 267 कर्मचारियों को बर्खास्त करने के लिए प्रदर्शन कर रहे युवा साथियों का कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता नीरज भाई पटेल के द्वारा शाॅल पहना कर सम्मान किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से संजित बर्मन, कुंवर ओगरे, डंकेश बर्मन निक्कू कुमार, विक्रम जांगड़े वेंकटेश मनहर, योगेश मनहर, सुरेन्द्र लहरे, आशुतोश जानी, अंकित पात्रे, अभिषेक कामले, हरेश बंजारे, विनय कौशल, लव कुमार, चन्द्रभूशण घृतलहरे, विरेन्द्र घृतलहरे, राजकुमार सोनवानी, अशवन भास्कर जागृत खाण्डेय, मनीष गायकवाड, राकेश बघेल, राकेश पात्रे, रोशन जांगड़े, विरेन्द्र कोसरिया, मोहनिस कुमार, अमन दिवाकर, आशीष जांगड़े, धनंजय, आशीष टंडन, राजकुमार जांगड़े, पंकज भास्कर, सतनाम दीप भास्कर।
स्वागत गीत की प्रस्तुती में प्रमुख रूप से पूजा लोकेश उके, गीता उके, उजाला चंन्दीकापुरे, दीपा मेश्राम, सीमा मेश्राम रूपा मेश्राम, जयश्री उके, शारदा रामटेके।
स्वागत डांस की प्रस्तूती में प्रमुख रूप से रिशिका उके, श्वेता श्रीवास्तव, प्राची मेश्राम काव्या मेश्राम, शालीनी हुमने, सपना भोई।

