सरकंडा पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को धर दबोचा…!
बिलासपुर- [जनहित न्यूज़]
सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े महिला अपराध के एक गंभीर मामले में सरकंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। फेसबुक के जरिए खुद को तहसीलदार बताकर महिला से दोस्ती करने वाले युवक ने जब बातचीत बंद हुई तो बदनाम करने की नीयत से फर्जी आईडी बनाकर पीड़िता का फोटो और मोबाइल नंबर वायरल कर दिया।
थाना सरकंडा में दर्ज अपराध क्रमांक 1786/2025 के अनुसार आरोपी आशुतोष उपाध्याय (35 वर्ष), निवासी मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा ने वर्ष 2022 में फेसबुक के माध्यम से पीड़िता से संपर्क किया था। उसने स्वयं को मुंगेली का तहसीलदार बताकर विश्वास में लिया और मोबाइल पर बातचीत करता रहा। बाद में पीड़िता द्वारा बातचीत बंद करने पर आरोपी अलग-अलग नंबरों से कॉल कर दबाव बनाने और अश्लील बातचीत करने लगा।
पीड़िता द्वारा नंबर ब्लॉक किए जाने से क्षुब्ध आरोपी ने 3 अक्टूबर 2025 को फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पीड़िता का फोटो व मोबाइल नंबर वायरल कर दिया, जिससे उसे अज्ञात लोगों के अश्लील कॉल आने लगे। इससे मानसिक रूप से परेशान होकर पीड़िता ने 26 दिसंबर 2025 को थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को ग्राम मुलमुला से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपराध स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर उसे विधिवत गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
सरकंडा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सोशल मीडिया के जरिए महिला उत्पीड़न और साइबर अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त है और ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

