तखतपुर के खमरिया में बिना अनुज्ञप्ति के दवाइयों का भंडारण पर सख्त कार्रवाई से
मचा हड़कंप…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर जिले में अवैध औषधि कारोबार के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में तखतपुर ब्लॉक के ग्राम खमरिया में औषधि प्रशासन की टीम ने एक क्लीनिक में छापा मारकर बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के रखी गई 36 प्रकार की दवाइयां जब्त की हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना लाइसेंस दवा कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले में अवैध औषधि कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लगातार निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी दौरान औषधि प्रशासन को ग्राम खमरिया में सोमू मेडिकल स्टोर्स के पीछे संचालित एक क्लीनिक में बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवाइयां रखे जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान बीरेन्द्र मालिक द्वारा बिना किसी वैध औषधि लाइसेंस के 36 प्रकार की औषधियों का भंडारण किया जाना पाया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बिना अनुज्ञप्ति औषधियों का भंडारण किया जाना औषधि अधिनियम, 1940 के प्रावधानों का उल्लंघन है। टीम ने मौके पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस रखी गई सभी औषधियों को जब्त कर लिया। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत औषधियों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
बिना लाइसेंस दवा रखना भी अपराध:-
यह कार्रवाई सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह के नेतृत्व में औषधि निरीक्षक सुनील पंडा द्वारा की गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुज्ञप्ति के औषधियों का क्रय-विक्रय अथवा भंडारण कानूनन अपराध है। इसके अलावा अनधिकृत स्थानों से दवाइयों की बिक्री या भंडारण से दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है।
विभाग की आम जनता से अपील:-
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी दवा व्यवसायियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी एवं अधिकृत विक्रेताओं से ही दवाइयां खरीदें। किसी क्लीनिक, दुकान या अन्य स्थान पर बिना लाइसेंस दवाइयों की बिक्री अथवा भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

