आईजी की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक ‘सशक्त’ ऐप से चोरी की गाड़ियों पर कसा शिकंजा…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर रेंज में चोरी के वाहनों की शत-प्रतिशत रिकवरी और साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए पुलिस ने तकनीक आधारित कार्रवाई को और तेज करने का फैसला किया है। शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘सशक्त’ (Sashakt) ऐप की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और नवपदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षक शामिल हुए।

बैठक में आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहन चोरी के प्रत्येक प्रकरण का डेटा समय पर अपडेट किया जाए, इंजन एवं चेसिस नंबर की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से की जाए तथा बरामद वाहनों की बैकएंड एंट्री तत्काल सुनिश्चित हो। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, सराफा क्षेत्र और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर सशक्त’ ऐप के माध्यम से सघन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। नवागत अधिकारियों और कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कर उन्हें प्रतिदिन कम से कम 20 संदिग्ध वाहनों की जांच का लक्ष्य सौंपा गया।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण मुंगेली के एसएसपी भोजराम पटेल का लाइव प्रेजेंटेशन रहा। उन्होंने साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए विकसित मनी रिकवरी मैकेनिज्म (MRM) की विस्तृत जानकारी दी। एसएसपी पटेल ने बताया कि 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर पोर्टल के समन्वय से शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया जाता है, जिससे ठगी की रकम सुरक्षित हो जाती है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर सीधे पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराई जाती है।

उन्होंने विशेष रूप से ‘गोल्डन आवर’ की महत्ता बताते हुए कहा कि साइबर फ्रॉड के बाद पहले एक से दो घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान शिकायत दर्ज होने पर रकम की रिकवरी की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। एसएसपी भोजराम पटेल के इस प्रभावी मॉडल और प्रेजेंटेशन को बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बेहद उपयोगी बताया।
बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और परिणाममूलक पुलिसिंग को बढ़ावा देना ही इस पहल का उद्देश्य है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने सशक्त’ ऐप का अधिकतम उपयोग करने और वाहन चोरी के मामलों की लंबित जांच को शीघ्र समाप्त कर आम जनता को त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

