स्थानांतरण आदेश की अवहेलना
कार्यालय में 8 महीने से ड्यूटी से थे नदारत…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से विवादों में घिरे सहायक ग्रेड–02 विकास तिवारी पर आखिरकार गाज गिर गई है। स्थानांतरण आदेश की अवहेलना और करीब 7–8 महीनों से बिना सूचना ड्यूटी से नदारत रहने के मामले में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश 23 जनवरी 2026 को जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर बिलासपुर व छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर विकास तिवारी का प्रशासनिक स्थानांतरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहर्सी (सोन), विकासखंड मस्तुरी में किया गया था। 1 जुलाई 2025 को उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने आज तक नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
तिवारी द्वारा स्थानांतरण निरस्त कराने के लिए वरिष्ठ सचिवों की समिति के समक्ष अभ्यावेदन दिया गया था। समिति ने उच्च न्यायालय के 21 जुलाई 2025 के आदेश के अनुपालन में प्रकरण की जांच कर यह स्पष्ट किया कि स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है और अभ्यावेदन को अमान्य करने की अनुशंसा की गई। इसके बावजूद उन्होंने आदेशों की अवहेलना जारी रखी और लंबे समय तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत गंभीर कदाचार मानते हुए तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी मस्तुरी कार्यालय तय किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले बिलासपुर संभाग में शिक्षकों की ट्रांसफर–पोस्टिंग को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। करोड़ों रुपये की कथित अवैध उगाही की चर्चा ने उस समय पूरे शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया था। उस प्रकरण में विकास तिवारी का नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल रहा है, जब वे शिक्षा विभाग के जेडी कार्यालय में पदस्थ थे।
ताजा कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में मचे इस नए घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और आगे की जांच व अनुशासनात्मक प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
देखिए आदेश….👇



