साथियों संग फर्जीवाड़े की पटकथा लिखने वाला आरोपी नदीम अहमद गिरफ़्तार…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शासकीय घास भूमि पर भूमाफियाओं की गिद्ध नज़र एक बार फिर उजागर हुई है। काग़ज़ों के पंख लगाकर सरकारी ज़मीन को निजी बताने की साजिश रचने वाले एक शातिर आरोपी को सरकण्डा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर तीन लोगों को शिकार बनाते हुए लाखों रुपये की ठगी की।
मामले का खुलासा तब हुआ जब खरीदारों ने खरीदी गई भूमि का नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया। जांच में सामने आया कि जिस जमीन को निजी बताकर बेचा गया, वह दरअसल छोटे-बड़े झाड़ के जंगल के मध्य स्थित शासकीय भूमि है, जिसकी खरीदी-बिक्री कलेक्टर की अनुमति के बिना संभव ही नहीं। परिणामस्वरूप नामांतरण निरस्त कर दिया गया।
फर्जीवाड़े की पटकथा आरोपी नदीम अहमद ने अपने साथियों श्रेयांश कौशिक और विश्वनाथ राय के साथ मिलकर शासकीय भूमि के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। वर्ष 2022 में 1500 वर्गफुट जमीन को 18,75,000 रुपये में बेचकर भरोसे का सौदा किया गया जो बाद में ठगी निकला। इसी तर्ज पर अन्य पीड़ितों से भी रकम ऐंठी गई।
तीन FIR, एक गिरफ्तारी
पीड़ितों की शिकायत पर थाना सरकण्डा में अलग-अलग अपराध क्रमांक दर्ज किए गए। विवेचना के दौरान सूचना मिली कि आरोपी नदीम अहमद अपने ठिकाने पर मौजूद है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी:-
नदीम अहमद, पिता वसीम अहमद, उम्र 33 वर्ष निवासी: टिकरापारा, पुराना हाई कोर्ट के पीछे, थाना सिटी कोतवाली, जिला बिलासपुर (छ.ग.)
दर्ज धाराएं अप.क्र. 759/2025 व 760/2025: धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि
अप.क्र. 867/2025: धारा 420, 34 भादवि
संदेश साफ़…
शासकीय भूमि पर गिद्ध नज़र रखने वालों के लिए यह कार्रवाई चेतावनी है काग़ज़ों से उड़ान भरने की कोशिश अब ज़मीन पर ही उतारी जाएगी। पुलिस की सख़्ती से यह उम्मीद जगी है कि भूमाफियाओं के इस गिरोह की जड़ें जल्द होंगी खत्म।

