बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में फैली भ्रांतियों को दूर करने और सही जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से शहर सहित विभिन्न क्षेत्रों में “स्मार्ट मीटर पखवाड़ा” चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से विभाग उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और तकनीकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह स्वचालित प्रणाली पर आधारित है, जिसमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता। इससे गलत रीडिंग या बिलिंग की आशंका समाप्त हो जाती है और बिजली चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होता है। साथ ही, ‘मोर बिजली ऐप’ के जरिए उपभोक्ता अपनी खपत, बिलिंग और अन्य जानकारी घर बैठे देख सकते हैं।

बिलासपुर शहर में लगभग 1 लाख 44 हजार उपभोक्ताओं में से अब तक करीब 96 हजार परिसरों में स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। यह कार्य मेसर्स जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है। स्थापना के बाद मीटर का विवरण सैप सिस्टम में दर्ज किया जाता है, जिसके आधार पर नई रीडिंग अनुसार बिलिंग की जाती है। स्थापित 96 हजार मीटरों में से लगभग 99 प्रतिशत का डेटा सैप सिस्टम में दर्ज हो चुका है और शेष मीटरों का विवरण भी सतत प्रक्रिया में है, जिसे आगामी माह के बिल में पूर्ण कर लिया जाएगा।
कुछ मामलों में मानवीय त्रुटिवश मीटर विवरण दर्ज न होने की शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा पूर्व में जारी औसत बिल को समायोजित कर त्वरित सुधार किया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता को एकमुश्त बिल जारी होता है, तो नियमानुसार स्लैबिंग की सुविधा प्रदान कर राहत दी जाती है।
बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए.के. अम्बस्ट ने अपील की है कि बिलिंग से संबंधित किसी भी समस्या की स्थिति में उपभोक्ता संबंधित मैदानी कार्यालय से संपर्क करें, ताकि विभागीय अधिकारी जीनस कंपनी के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित कर सकें।
स्मार्ट मीटर पखवाड़ा के माध्यम से विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाना, पारदर्शिता लाना और डिजिटल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

