जोरदार हुंकार के बाद भीड़ गिनती में सिमट गई।
हुआ हल्का प्रदर्शन…!
वाटर कैनन रह गए प्यासे..!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
मनरेगा के मुद्दे पर जिले में कांग्रेस का प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब जोरदार हुंकार के बाद भीड़ गिनती में सिमट गई। जिला स्तर पर बुलाए गए इस आंदोलन में 400 से ज्यादा कार्यकर्ता नहीं पहुंच पाए। हालात ऐसे रहे कि पुलिस द्वारा तैनात किए गए दो-दो वाटर कैनन को ‘एक्शन’ का मौका ही नहीं मिला।

नेहरू चौक पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के लिए पहले से ही प्रशासन ने कड़े इंतजाम कर रखे थे। कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और वाटर कैनन की तैनाती से माहौल ऐसा था मानो बड़ा आंदोलन होने वाला हो। लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स से आगे नहीं बढ़ सके। घंटेभर की हुज्जतबाजी के बाद ज्ञापन सौंपकर लौट गए।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मंच पर नेताओं की मौजूदगी तो दिखी, लेकिन मैदान में अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ता नजर नहीं आए। आंदोलन की तैयारी जितनी आक्रामक बताई जा रही थी, ज़मीन पर तस्वीर उतनी ही हल्की दिखाई दी।

धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹400 करने और 125 दिनों के कार्य को बढ़ाकर 150 दिन करने की मांग उठाई। साथ ही यह भी कहा गया कि मनरेगा का भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाना चाहिए, न कि राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाला जाए।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रहेगी।

हालांकि शुक्रवार का प्रदर्शन देखकर राजनीतिक विश्लेषक यह जरूर कह रहे हैं कि फिलहाल संग्राम” से ज्यादा यह संकेत नजर आया। अब देखना होगा कि कांग्रेस अगली बार भीड़ जुटाने में सफल होती है या फिर प्रशासन को फिर से वाटर कैनन बिना उपयोग वापस भेजने पड़ेंगे।

