दो कर्मचारी झुलसे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल…!
समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से टला बड़ा नुकसान…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर कोनी स्थित मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सोमवार को रूटीन मेंटेनेंस के दौरान हुआ एक जोरदार ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट पूरे परिसर में हड़कंप मचा गया। यह हादसा न सिर्फ तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है, बल्कि संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर भी सवाल खड़े करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीपीडब्ल्यूडी से जुड़े इलेक्ट्रिशियन शिवशंकर कंवर और इंजीनियर यश अग्रवाल नियमित जांच के लिए ट्रांसफॉर्मर पैनल के पास मौजूद थे। बताया जा रहा है कि बिजली सप्लाई बंद कर फॉल्ट की जांच की जा रही थी। जैसे ही सिस्टम को दोबारा चालू किया गया, अचानक जोरदार धमाका हुआ और दोनों कर्मचारी इसकी चपेट में आकर झुलस गए।
घटना के तुरंत बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रभारी अधिकारी डॉ. बीपी सिंह की निगरानी में इलाज शुरू किया गया, जिसके बाद एहतियातन उन्हें सिम्स रेफर किया गया। फिलहाल दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, हालांकि शिवशंकर कंवर को अधिक झुलसन हुई है।
डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर सीपीडब्ल्यूडी के नियंत्रण में है और रूटीन जांच के दौरान यह हादसा हुआ। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से बड़ा नुकसान टल गया।
सतर्कता ही सुरक्षा: हादसे से मिल रहा बड़ा सबक
यह घटना एक स्पष्ट चेतावनी है कि…!
रूटीन कार्यों में भी जोखिम को कम करके नहीं आंकना चाहिए
इलेक्ट्रिकल सिस्टम के साथ काम करते समय सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है। पावर रिस्टोर करने से पहले मल्टी-लेयर सेफ्टी चेक अनिवार्य होना चाहिए संवेदनशील संस्थानों में नियमित ऑडिट और सेफ्टी ड्रिल्स की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर जैसे हाई-वोल्टेज उपकरणों में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए तकनीकी सतर्कता, प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होना चाहिए।
सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह हादसा एक बड़ा संकेत है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा के प्रति शून्य समझौता नीति अपनाना समय की मांग है।
सवाल अब यही है। क्या इस घटना के बाद जिम्मेदार एजेंसियां सुरक्षा मानकों को और मजबूत करेंगी, या फिर अगला हादसा होने का इंतजार किया जाएगा…?

