बिलासपुर [जनहित न्यूज़] “सही दवा, शुद्ध आहार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में औषधि निरीक्षकों की दो टीमों द्वारा एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस तथा नारकोटिक दवाओं के दुरुपयोग एवं उनके दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।

निरीक्षण टीम ने बिलासपुर जिले के तेलीपारा स्थित मेडिकल कॉम्प्लेक्स में थोक औषधि व्यापारियों तथा तिफरा क्षेत्र में रिटेल मेडिकल संचालकों एवं आम नागरिकों को जागरूक किया। कार्यशाला में दवाओं के सुरक्षित उपयोग, नियमों के पालन और अवैध बिक्री रोकने पर विशेष जोर दिया गया।

सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह ने कहा कि नारकोटिक औषधियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए थोक एवं खुदरा दवा व्यवसायियों को क्रय-विक्रय संबंधी नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध दस्तावेज अथवा अवैध रूप से मांग किए जाने पर किसी भी स्थिति में नारकोटिक दवाएं उपलब्ध न कराई जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग केवल पंजीकृत चिकित्सकों की सलाह पर ही किया जाना चाहिए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या को बढ़ावा देता है, जिससे भविष्य में सामान्य संक्रमणों का इलाज भी कठिन हो सकता है।

कार्यशाला में उपस्थित दवा व्यवसायियों और नागरिकों से अपील की गई कि वे जागरूक बनें और समाज को नशे व दवाओं के दुरुपयोग से बचाने में प्रशासन का सहयोग करें।

