बेलगहना पुलिस की तत्परता से कुछ ही घंटों में आरोपी पिता छोटे बेटे और अपचारी बालक गिरफ्तार…!
बिलासपुर/कोटा-[जनहित न्यूज़]
कोटा क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम रतखण्डी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह और शराब की लत ने एक घर को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। रोजाना के विवाद और मारपीट से परेशान होकर एक पिता ने छोटे बेटे और एक अपचारी बालक के साथ मिलकर अपने ही बड़े बेटे की हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए कीटनाशक पिलाने का नाटक रचा गया।
मिली जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 को उमेन्द सिंह पटेल ने बेलगहना चौकी पहुंचकर सूचना दी कि उसके 23 वर्षीय पुत्र गौरीशंकर पटेल ने जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और शव पर मिले चोट के निशानों ने पुलिस को संदेह में डाल दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में फॉरेंसिक टीम बुलाकर बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान मृतक के शरीर पर चोटों के निशान, घटनास्थल से बरामद खाली जहर की शीशी और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मामले को हत्या की ओर मोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना तेज कर दी।
पूछताछ में सामने आया कि मृतक गौरीशंकर शराब का आदी था और आए दिन घरवालों से विवाद करता था। घटना वाली रात भी वह अत्यधिक नशे में था और परिवार के साथ मारपीट पर उतारू हो गया था। इसी दौरान पिता उमेन्द सिंह पटेल, छोटे भाई शिवशंकर पटेल और एक अपचारी बालक ने मिलकर उसे पीटा, रस्सी से हाथ-पैर बांधे और मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को आत्महत्या साबित करने के लिए मृतक के मुंह में कीटनाशक डाल दिया और आसपास भी जहर फैला दिया। अगले दिन गांव वालों और पुलिस को आत्महत्या की झूठी सूचना दी गई।

बेलगहना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में पूरे मामले का खुलासा कर पिता, छोटे बेटे और अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने और सामूहिक अपराध की धाराएं जोड़ी गई हैं।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि नशे और पारिवारिक तनाव के उस भयावह परिणाम की तस्वीर है, जो धीरे-धीरे रिश्तों को खत्म कर देता है। जिस पिता ने बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, वही एक दिन उसका कातिल बन गया। समाज के लिए यह घटना एक कड़ा संदेश है कि शराब और हिंसा किसी भी परिवार को तबाही की कगार तक पहुंचा सकती है।

