समाज सेवा के क्षेत्र में संवेदनशीलता समर्पण भावना का दिया उत्कृष्ट उदाहरण…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] समाज सेवा और बाल विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए बिलासपुर लेडीज़ सर्कल 144 (BLC 144) ने अपनी अध्यक्षीय थीम परियोजना के अंतर्गत एक नवीन आंगनवाड़ी भवन का निर्माण तथा एक अन्य आंगनवाड़ी का संपूर्ण नवीनीकरण कर उसे समाज को समर्पित किया।

यह पहल न केवल आधारभूत सुविधाओं के विकास का उदाहरण है, बल्कि बच्चों के सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

27 खोली पंप हाउस स्थित लगभग 850 वर्गफीट क्षेत्रफल में निर्मित नया आंगनवाड़ी भवन पहले पूरी तरह बंद और जर्जर अवस्था में था। पुराने ढांचे को हटाकर यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुरक्षित एवं आकर्षक भवन तैयार किया गया।

भवन में बच्चों के लिए विशाल खेल कक्ष (हॉल), स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, सुसज्जित किचन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गईं।

इसके साथ ही बच्चों के उपयोग के लिए खिलौने, कुर्सियां और अलमारी भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे यह केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास का आदर्श परिसर बन सके।

इसी क्रम में मिनी बस्ती स्थित आंगनवाड़ी का भी संपूर्ण कायाकल्प किया गया। यहां नए टाइल्स, आधुनिक शौचालय, कक्षा एवं रसोई का नवीनीकरण, आकर्षक पेंटिंग एवं आर्टवर्क तथा किचन क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए वॉटरप्रूफिंग का कार्य कराया गया। इन सुधारों से आंगनवाड़ी को बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण प्राप्त हुआ।
नवीनीकृत आंगनवाड़ी का लोकार्पण नेशनल प्रेसिडेंट शिशम सभरवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एरिया चेयरपर्सन मेघा राठी, नेशनल प्रोजेक्ट कन्वीनर नम्रता साहू, सर्कल चेयरपर्सन स्वाति सुल्तानिया, खुशबू शाह, मोनिका अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, जूही त्रिपाठी, निकिता शाह, निशा अग्रवाल, अमृता भंडारी एवं गिन्नी अरोड़ा सहित बीएलसी 144 की सभी सदस्याएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में बीआरटी 283 की ओर से चेयरमैन शिखर सराफ, सेक्रेटरी रॉबिन शाह, गौरव त्रिपाठी, अर्पित शाह, शुभम, आंचित भंडारी एवं सचिन सुल्तानिया की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

यह परियोजना केवल भवन निर्माण या नवीनीकरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के नन्हे बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में एक




अनुकरणीय सामाजिक पहल बनकर सामने आई। बीएलसी 144 का यह प्रयास समाज सेवा के क्षेत्र में संवेदनशीलता, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण।


