बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को दोबारा लागू करने और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने आज से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा है कि जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालयों से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 1 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता के साथ होगी। इसके बाद 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर स्मार्ट मीटर के विरोध में आवेदन भरवाएंगे तथा बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। यह अभियान लगातार दो महीने तक चलेगा।
पार्टी ने बताया कि अभियान के दौरान एकत्र किए गए सभी आवेदन संबंधित बिजली कार्यालयों में जमा कर उनकी पावती ली जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और अंत में सभी जिलों से प्राप्त पावती के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री के पास ही ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी है, इसलिए जनता की मांग सीधे उनके समक्ष रखी जाएगी।

प्रेस नोट में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि पंपों की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। पार्टी का दावा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह बिजली दरों में पांचवीं बढ़ोतरी है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पहले ही 12 प्रतिशत विद्युत शुल्क अधिभार (एफएसए) लगाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा चुका है।
कांग्रेस के अनुसार भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक बिजली दरों में कुल 31.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी। पार्टी ने दावा किया कि उस समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलती थी।
प्रेस नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदेश के कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके स्वीकृत अनुबंध भार (लोड) में वृद्धि की जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिसके आधार पर अतिरिक्त शुल्क जोड़कर अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं।

कांग्रेस ने बिजली बिल बढ़ने के तीन प्रमुख कारण बताए हैं।बिजली दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना तथा स्मार्ट मीटर के कारण अधिक खपत दर्ज होना। प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में अदाणी कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

पार्टी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के अप्रैल 2026 के बयान का हवाला देते हुए कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर उसकी सहमति के बिना नहीं लगाए जा सकते। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार भी सहमति की बात कर रही है तो छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर क्यों थोपे जा रहे हैं।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:-
बिजली की बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस ली जाएं:-
400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू की जाए:-
प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर हटाए जाएं।
प्रेस नोट में कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर को लेकर सरकारों ने पीछे हटने का निर्णय लिया है। पार्टी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित को देखते हुए स्मार्ट मीटर वापस लेने और बिजली दरों में राहत देने का फैसला करे।

