51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 41 लाख पर बिजली दर संशोधन का प्रभाव रहेगा लगभग शून्य…!
रायपुर/ बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई बिजली दरों का असर राज्य के अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर बेहद सीमित रहेगा। प्रदेश के 51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से करीब 41 लाख उपभोक्ताओं पर बिजली दर संशोधन का प्रभाव शून्य से अधिकतम 3.65 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा, जबकि किसानों पर इस बढ़ोतरी का कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि नई टैरिफ व्यवस्था में बिजली की औसत आपूर्ति लागत 7.13 रुपये प्रति यूनिट स्वीकृत की गई है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम स्लैब में मात्र 4.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष समेकित रूप से केवल 6.23 प्रतिशत यानी लगभग 42 पैसे प्रति यूनिट की नाममात्र वृद्धि की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के कारण इसका पूरा भार उपभोक्ताओं पर नहीं आएगा।
राज्य के लगभग 14.5 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक बिजली निःशुल्क मिलती रहेगी, जिसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं 26.5 लाख ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत पहले की तरह मिलती रहेगी।

श्री कंवर ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली लागत में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं और ग्रिड बिजली पर निर्भरता भी घटेगी।
नई टैरिफ व्यवस्था के बीच सरकार की राहत योजनाओं के चलते प्रदेश के अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ा अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

