वर्क ऑर्डर के बाद भी काम शुरू नहीं ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट इंजीनियरों पर भी गिरेगी कार्रवाई की गाज..!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा धीमी गति से कार्य करने वालों पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों की निगरानी में ढिलाई बरतने वाले इंजीनियरों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विकास भवन स्थित दृष्टि सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में निगम कमिश्नर ने सभी जोन कमिश्नरों और इंजीनियरों के साथ शहर के प्रमुख प्रोजेक्ट सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए। जो कार्य अब तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराया जाए।
बैठक के दौरान कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ठेकेदारों को कार्य आदेश जारी हो चुका है लेकिन वे काम शुरू करने में आनाकानी कर रहे हैं, उनके वर्क ऑर्डर निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। वहीं, धीमी गति से काम करने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार आर्थिक दंड लगाया जाए।
कमिश्नर श्री सर्वे ने इंजीनियरों को भी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा कि फील्ड में लगातार मौजूद रहकर कार्यों की मॉनिटरिंग करें और गुणवत्ता की नियमित जांच करें। यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार इंजीनियरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

बरसात के मद्देनजर निगम कमिश्नर ने निर्माणाधीन नाले-नालियों के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें समय रहते हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव जैसी समस्याओं से नागरिकों को राहत मिल सके।
बैठक में अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग, सांसद निधि, विधायक निधि, पार्षद निधि तथा नगरोत्थान योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने सभी लंबित और निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।
निगम कमिश्नर के सख्त संदेश के बाद अब ठेकेदारों और इंजीनियरों की जवाबदेही बढ़ गई है। शहर के विकास कार्यों में देरी और लापरवाही पर निगम प्रशासन का यह कड़ा रुख व्यवस्था में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

