बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अनुशंसा पर तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने संविधान की धारा 352 के तहत देश में आपातकाल लागू किया था, जो 21 मार्च 1977 तक चला।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए पाण्डेय ने कहा कि इस अवधि में चुनाव स्थगित कर दिए गए थे और नागरिक अधिकारों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भी आपातकाल को भारतीय इतिहास का काला अध्याय बताया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर दिए गए फैसले के बाद सत्ता पर संकट उत्पन्न होने पर आपातकाल लगाया गया। इस दौरान कई विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में समाचार पत्रों और पत्रकारों पर कार्रवाई की गई थी।
पाण्डेय ने कहा कि आपातकाल समाप्त होने के बाद हुए आम चुनाव में जनता ने तत्कालीन सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया और बाद में संविधान में संशोधनों के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास किए गए।

पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, जिला महामंत्री सोमेश तिवारी, जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि, जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह भोगल, जिला मीडिया प्रभारी के.के. शर्मा, जिला मीडिया सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित थे।

